नई दिल्ली: चार दशकों तक कानून की आंखों में धूल झोंकने वाला हत्या का आरोपी आखिरकार दिल्ली पुलिस की पकड़ में आ ही गया। दिल्ली पुलिस की क्राइ...
नई दिल्ली: चार दशकों तक कानून की आंखों में धूल झोंकने वाला हत्या का आरोपी आखिरकार दिल्ली पुलिस की पकड़ में आ ही गया।
यह सनसनीखेज मामला 22 और 23 मई 1984 की दरमियानी रात का है, जब पश्चिमी दिल्ली के विकासपुरी डिस्ट्रिक्ट पार्क से चाकू के कई निशानों से गोदा हुआ एक लावारिस शव बरामद हुआ था। मृतक की पहचान सीतापुर (यूपी) निवासी अशोक कुमार के रूप में हुई थी।
🔍 जनकपुरी थाने में दर्ज हुई थी FIR: मुख्य आरोपी भभूति पहले ही पकड़ा गया, नत्थू रहा फरार
मामले का शुरुआती घटनाक्रम:
धारा 302 के तहत केस: वारदात के बाद जनकपुरी थाने में एफआईआर नंबर 252/1984, धारा 302 IPC के तहत मामला दर्ज किया गया था।
पहला आरोपी गिरफ्तार: जांच के दौरान पुलिस ने सीतापुर निवासी भभूति प्रसाद को गिरफ्तार कर लिया था और उसके पास से हत्या में इस्तेमाल चाकू भी बरामद कर लिया था।
फरार साथी: हालांकि, इस जघन्य वारदात में भभूति का साथ देने वाला उसका साथी नत्थू उर्फ नत्थूलाल मौके से फरार होने में कामयाब रहा और दशकों तक अपना नाम-पहचान छुपाता रहा।
🕵️♂️ क्राइम ब्रांच ने चुनौती की तरह लिया केस: यूपी की मंडियों में पहचान छुपाकर रह रहा था आरोपी
क्राइम ब्रांच का स्पेशल ऑपरेशन:
"सेंट्रल रेंज क्राइम ब्रांच की टीम ने इस ठंडे बस्ते में पड़े पुराने केस को एक चुनौती के रूप में स्वीकार किया। महीनों तक धूल फांक रही पुरानी फाइलों को खंगालने के बाद पुलिस ने सीतापुर और हरदोई में डेरा डाला। हरदोई में पुलिस को भनक लगी कि 65 वर्षीय नत्थूलाल जिंदा है और लो-प्रोफाइल रहकर कभी-कभी गांव आता है। 18 अगस्त 2026 को मिली सटीक सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया, जब वह गांव से फर्रूखाबाद की तरफ भागने की फिराक में था।"
🍷 'पत्नी पर बुरी नीयत और शराब की महफिल': जानें 42 साल पहले क्यों हुई थी अशोक की हत्या
हत्या की वजह और आरोपी का आपराधिक इतिहास:
कत्ल की वजह: पूछताछ में सामने आया कि नत्थू और भभूति दोस्त थे, जबकि मृतक अशोक और भभूति एक ही गांव के थे। आरोप है कि अशोक, भभूति की पत्नी पर बुरी नीयत रखता था। इसी रंजिश में पार्क में शराब पीने के बाद दोनों ने मिलकर अशोक की चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी।
लो-प्रोफाइल जिंदगी: नत्थू पिछले 42 सालों से यूपी की अलग-अलग थोक सब्जी मंडियों में मजदूरी करता रहा। उसने कभी शादी नहीं की और अकेले रहकर पहचान छिपाता रहा।
आपराधिक रिकॉर्ड: आरोपी के खिलाफ पहले से भी अपहरण की धारा 364 IPC के तहत (FIR No. 1790/2005, कोतवाली फर्रुखाबाद) मामला दर्ज है। पुलिस फिलहाल उसे कस्टडी में लेकर आगे की कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर रही है।

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