नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक सोमवार को दिल्ली विधानसभा के मॉनसून सत्र के दौरान विरोध दर्ज कराने के लिए 'इस्तीफा दो' लि...
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक सोमवार को दिल्ली विधानसभा के मॉनसून सत्र के दौरान विरोध दर्ज कराने के लिए 'इस्तीफा दो' लिखी टी-शर्ट पहनकर सदन में पहुंच गए। इस दौरान सदन के भीतर जमकर नारेबाजी और हंगामा देखने को मिला, जिसके चलते आप पार्टी के 6 विधायकों को मार्शल आउट कर दिया गया।
विधानसभा में आप विधायकों द्वारा विरोध प्रदर्शन के इस तरीके पर विधानसभा अध्यक्ष विजेंदर गुप्ता ने कड़ा ऐतराज जताया। इस दौरान बीजेपी विधायक मोहन सिंह बिष्ट भी उखड़ गए और मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने अध्यक्ष से मर्यादा भंग करने वाले विधायकों को सदन की कार्यवाही से बाहर करने की मांग की। हंगामे को बढ़ता देख विधानसभा की कार्यवाही को कुछ देर के लिए स्थगित भी करना पड़ा।
🚴♂️ आशीष सूद के इस्तीफे की मांग और साइकिल खरीद में भ्रष्टाचार का आरोप
विरोध प्रदर्शन और कार्रवाई का मुख्य कारण सरकार पर लगाए जा रहे भ्रष्टाचार के आरोप थे:
मंत्री का इस्तीफा मांगा: आप विधायक मुख्य रूप से मंत्री आशीष सूद के इस्तीफे की मांग को लेकर टी-शर्ट पहनकर पहुंचे थे।
मार्शल आउट हुए विधायक: सदन से बाहर निकाले गए विधायकों में संजीव झा, जरनैल सिंह, कुलदीप कुमार, प्रेम कुमार, सोम दत्त और अजय दत्त शामिल हैं।
साइकिल से पहुंचे थे विधायक: साइकिल खरीद में कथित घोटाले का विरोध जताने के लिए आप विधायक सोमवार को मॉनसून सत्र के दूसरे दिन स्वयं साइकिल चलाकर विधानसभा पहुंचे थे।
नेता प्रतिपक्ष की अनुपस्थिति पर आपत्ति: सदन में नेता प्रतिपक्ष आतिशी के अनुपस्थित रहने पर विधानसभा अध्यक्ष ने आपत्ति जताई और विपक्ष को सदन में अपना स्पष्ट नेता तय करने की हिदायत दी।
💬 मार्शल आउट किए गए आप विधायकों ने सरकार से पूछे तीखे सवाल
सदन से बाहर किए जाने के बाद आप नेताओं ने सरकार को आड़े हाथों लिया:
कुलदीप कुमार का बयान: आप विधायक कुलदीप कुमार ने सोशल मीडिया पर लिखा कि "छात्राओं को बांटे जाने वाली साइकिलों की खरीद में भ्रष्टाचार हुआ है। जब वही साइकिल बाजार में 4,200 रुपये में मिल रही थी, तो 1.30 लाख साइकिलों की खरीद के लिए 6,957 रुपये प्रति साइकिल क्यों दिए गए? यानी करीब 3,000 रुपये प्रति साइकिल का सीधा घपला हुआ है।"
संजीव झा का बयान: विधायक संजीव झा ने कहा कि "जिस योजना का उद्देश्य हमारी बेटियों की शिक्षा को सुलभ बनाना था, उसमें भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार बताए कि साइकिलों की खरीद में गड़बड़ी क्यों हुई और इसकी निष्पक्ष जांच कब होगी?"
🏛️ भोजनावकाश के बाद दोबारा शुरू हुई सदन की कार्यवाही: अध्यक्ष ने दी चेतावनी
हंगामे और भोजनावकाश के बाद जब सत्र दोबारा शुरू हुआ, तो सत्ता पक्ष और अध्यक्ष ने इस मुद्दे पर अपनी राय रखी:
मर्यादा में रहने की सलाह: सत्ता पक्ष के विधायकों ने सुझाव दिया कि यदि विपक्ष मर्यादा बनाए रखे तो उन्हें सदन में वापस बुलाया जा सकता है।
स्पीकर की चेतावनी: विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा, "तीन सदस्यों ने सदन की अवहेलना की है। विपक्ष का काम अपनी बात रखना और सार्थक चर्चा करना है, मर्यादा तार-तार करना ठीक नहीं। मैं अंतिम चेतावनी के साथ सभी सदस्यों को सदन में आने की अनुमति देता हूं।"

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