बीते 28 जून से जंतर-मंतर पर नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर विरोध-प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारी लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र...
बीते 28 जून से जंतर-मंतर पर नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर विरोध-प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारी लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
19 जुलाई तक यह प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा था। इसके बाद 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच भारी झड़प हो गई, जिसमें कई प्रदर्शनकारी गंभीर रूप से घायल हो गए। इस दौरान पुलिस की कार्रवाई के कई वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आई थीं। अब जंतर-मंतर पर बैठे प्रदर्शनकारियों ने इन सभी तस्वीरों को एक दीवार पर टांग दिया है और उस दीवार को 'वॉल ऑफ शेम' (Wall of Shame) नाम दिया है।
📸 क्या है 'वॉल ऑफ शेम'? लाठीचार्ज, चोटों और खून से सनी सड़कों की लगी हैं तस्वीरें
'वॉल ऑफ शेम' जंतर-मंतर पर हुई कार्रवाई के सबूत के तौर पर तैयार की गई है। इस दीवार पर लगाई गई तस्वीरों में पुलिस लाठीचार्ज से आई चोटें, पैलेट गन, स्टन गन के इस्तेमाल और खून से सनी सड़कों के दृश्य शामिल हैं। प्रदर्शनकारी इन तस्वीरों के जरिए लोगों को यह बताने का प्रयास कर रहे हैं कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर उनके साथ गलत हुआ।
हालांकि, इस दौरान कई पुलिसकर्मी भी हिंसा का शिकार हुए और उन्हें भी इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।
🚨 जंतर-मंतर पर लगातार बढ़ रही भीड़, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और 1 करोड़ मुआवजे की मांग
20 जुलाई की घटना के बाद से जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में लगातार भीड़ बढ़ती जा रही है। प्रदर्शनकारियों में केंद्र सरकार और खासकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर काफी असंतोष देखने को मिल रहा है।
प्रदर्शनकारियों की पहली और मुख्य मांग है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत इस्तीफा दें। इसके साथ ही नीट पेपर लीक के बाद मानसिक तनाव में आकर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को 1-1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता राशि दी जाए।
🪧 वांगचुक का अनशन समाप्त, लेकिन CJP का ऐलान: 'शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक जारी रहेगा आंदोलन'
पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन खत्म करने को सरकार की तरफ से एक राहत के तौर पर देखा जा रहा है, लेकिन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन रुकने वाला नहीं है।
अभिजीत दीपके ने कहा कि वे इस बात से बेहद खुश हैं कि सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है, लेकिन इससे आंदोलन खत्म नहीं होगा। उन्होंने कहा कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक सीजेपी का यह प्रदर्शन जंतर-मंतर पर लगातार जारी रहेगा। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली पुलिस द्वारा छात्रों पर किए गए लाठीचार्ज पर भी जवाबदेही की मांग की है।

कोई टिप्पणी नहीं