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NEET Row: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद क्या राजनीति में आएगी CJP? जानें प्रवक्ताओं का जवाब

नीट (NEET) पेपर लीक के मुद्दे पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर जारी छात्रों के आंदोलन और विपक्षी दलों के भारी दबाव के...


नीट (NEET) पेपर लीक के मुद्दे पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर जारी छात्रों के आंदोलन और विपक्षी दलों के भारी दबाव के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया। इसके तुरंत बाद CJP ने अपना 36 दिन पुराना आंदोलन वापस लेने की घोषणा की और प्रदर्शनकारियों से अपने-अपने घर जाने की अपील की।

इस आंदोलन के सफल समापन के बाद जब CJP प्रतिनिधियों से पूछा गया कि क्या वे फुल-टाइम राजनीति में शामिल होंगे, तो उन्होंने इस संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया और कहा कि भारत में किसी भी चीज के लिए कभी 'ना' नहीं कहना चाहिए। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल उनकी मुख्य प्राथमिकता युवाओं के नेतृत्व वाले इस जमीनी आंदोलन को मजबूत करना है।

💭 'भारत में कभी ना मत कहो': आशुतोष रांका ने दिए भविष्य की राजनीति के संकेत

एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका और मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने अपने आंदोलन के भविष्य तथा संगठन के राजनीतिक दल बनने की संभावनाओं पर चर्चा की।

आशुतोष रांका ने कहा, "मेरे मन में अभी बस घर जाकर सोने, थोड़ा आराम करने और अपने परिवार से मिलने की बात है। मैं पिछले कुछ महीनों से घर से दूर हूँ और सच में दो महीनों के घटनाक्रम पर सोचना चाहता हूँ। यह हम सभी के लिए गर्व, खुशी और राहत का पल है। इसके बाद देखेंगे कि आगे क्या होता है।" जब उनसे दोबारा पूछा गया कि क्या वे राजनीतिक करियर की संभावना को खारिज कर रहे हैं, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, "मुझे लगता है कि भारत में किसी भी चीज के लिए कभी 'ना' नहीं कहना चाहिए।"

🌱 'फिलहाल ऐसा कोई इरादा नहीं, युवाओं के आंदोलन को मजबूत करना प्राथमिकता': सौरव दास

दूसरी ओर, CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने जोर देकर कहा कि चुनावी राजनीति में उतरने का उनका तात्कालिक कोई उद्देश्य नहीं है।

सौरव दास ने कहा, "अभी हमारा फोकस बिल्कुल साफ है कि इस आंदोलन को जमीनी स्तर तक ले जाना है। देश में पहले से ही 750-800 राजनीतिक दल मौजूद हैं, लेकिन उनमें से कोई भी युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने में पूरी तरह सक्षम नहीं रहा है। हम इस आंदोलन को इतना मजबूत बनाना चाहते हैं कि सत्ता में चाहे कोई भी पार्टी या नेता हो, उन्हें युवाओं के हितों और मांगों के लिए काम करना ही पड़े।"

📝 'राष्ट्रविरोधी ताकतें स्थिति का फायदा न उठाएं': धर्मेंद्र प्रधान ने एक्स (X) पर बताई इस्तीफे की वजह

उल्लेखनीय है कि NEET पेपर लीक विवाद को लेकर लगातार 36 दिनों तक चले CJP के विरोध-प्रदर्शनों के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री को सौंप दिया।

धर्मेंद्र प्रधान ने एक्स (X) पर अपने इस्तीफे का पत्र साझा करते हुए लिखा, "पिछले 10 दिनों का घटनाक्रम देखकर मेरा मन दुःखी है। यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है। मैंने पहले दिन से जिम्मेदारी ली है और परिस्थिति से मुंह नहीं मोड़ा।" उन्होंने आगे कहा कि जंतर-मंतर पर बनी स्थिति का कोई राष्ट्रविरोधी ताकत गलत फायदा न उठा सके, देश की एकता बनी रहे और विद्यार्थियों का समय व भविष्य कानूनी पेचीदगियों में न उलझे, इसीलिए उन्होंने अपने पद से त्यागपत्र देने का फैसला किया है।







 

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