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Delhi Metro Phase 4: एरोसिटी-तुगलकाबाद कॉरिडोर बनेगी गेमचेंजर, जानें किन इलाकों में महंगी होगी प्रॉपर्टी

दिल्ली मेट्रो की फेज-4 परियोजना के तहत तैयार हो रही गोल्डन लाइन (एरोसिटी-तुगलकाबाद कॉरिडोर) दक्षिण दिल्ली के रियल एस्टेट बाजार के लिए बड़ा ...


दिल्ली मेट्रो की फेज-4 परियोजना के तहत तैयार हो रही गोल्डन लाइन (एरोसिटी-तुगलकाबाद कॉरिडोर) दक्षिण दिल्ली के रियल एस्टेट बाजार के लिए बड़ा गेमचेंजर साबित हो सकती है।

लंबे समय से ट्रैफिक जाम, इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक लंबा सफर और पूर्व-पश्चिम दिशा में कमजोर कनेक्टिविटी की वजह से जिन इलाकों की रियल एस्टेट ग्रोथ सीमित रही, वहां अब तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। प्रॉपर्टी विशेषज्ञों का अनुमान है कि मेट्रो का कमर्शियल परिचालन शुरू होने के बाद कुछ माइक्रो-मार्केट में मकानों की कीमतें 20 से 25 फीसदी तक बढ़ सकती हैं।

📍 किन इलाकों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा? खत्म होगा 'कनेक्टिविटी डिस्काउंट'


गोल्डन लाइन एरोसिटी से शुरू होकर महिपालपुर, वसंत कुंज, किशनगढ़, छतरपुर, इग्नू, साकेत, खानपुर, अंबेडकर नगर होते हुए तुगलकाबाद तक जाएगी। इस दौरान एरोसिटी, छतरपुर, साकेत जी-ब्लॉक और तुगलकाबाद में मौजूदा मेट्रो लाइनों से इंटरचेंज की सुविधा भी मिलेगी। इससे एयरपोर्ट, सेंट्रल दिल्ली और प्रमुख कारोबारी इलाकों तक पहुंच पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो जाएगी।

ग्रांट थॉर्नटन भारत के पार्टनर चेतन चिचरा के मुताबिक, यह लाइन नई हाउसिंग डिमांड पैदा करने से ज्यादा उन इलाकों का "कनेक्टिविटी डिस्काउंट" खत्म करेगी, जो अब तक बेहतर सामाजिक सुविधाओं के बावजूद सार्वजनिक परिवहन की कमी से पीछे थे। छतरपुर, नेब सराय, साकेत, अंबेडकर नगर और संगम विहार इसके सबसे बड़े लाभार्थी हो सकते हैं। वहीं वसंत कुंज और किशनगढ़ को एयरपोर्ट के नजदीक होने का अतिरिक्त फायदा मिलेगा।

💰 वसंत कुंज, साकेत और छतरपुर में अभी क्या हैं प्रॉपर्टी के रेट?

रियल एस्टेट प्लेटफॉर्म SouthDelhi1 के सह-संस्थापक निलेश गर्ग के मुताबिक, वसंत कुंज में इस समय फ्लैटों की कीमत करीब ₹21,000 से ₹23,500 प्रति वर्ग फुट है। साकेत में यही कीमत ₹27,500 से ₹31,500 प्रति वर्ग फुट तक पहुंचती है।

दूसरी ओर, छतरपुर अभी भी अपेक्षाकृत किफायती बाजार बना हुआ है, जहां मकान ₹12,400 से ₹18,000 प्रति वर्ग फुट की दर से उपलब्ध हैं।

📈 किराए की मांग में भी आएगा बड़ा उछाल, 12-18 महीने बाद दिखेगा सबसे बड़ा असर

गोल्डन लाइन का असर केवल मकानों की बिक्री तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि किराए में भी अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। वर्तमान में साकेत में दो बेडरूम (2BHK) का फ्लैट करीब ₹35,000 प्रति माह पर किराए पर मिलता है, जबकि 3BHK वाले बड़े फ्लैट का किराया ₹1 लाख प्रति माह तक पहुंच जाता है। निलेश गर्ग का अनुमान है कि मेट्रो स्टेशन से एक किलोमीटर के दायरे में स्थित प्रॉपर्टियों के किराए में 5 से 8 फीसदी तक उछाल आने की संभावना है।

चेतन चिचरा का कहना है कि मेट्रो परियोजनाओं का सबसे बड़ा असर आमतौर पर परिचालन शुरू होने के 12 से 18 महीने बाद दिखाई देता है, जब लोग बेहतर कनेक्टिविटी का वास्तविक लाभ महसूस करते हैं।

👥 एयरपोर्ट प्रोफेशन्स, स्टूडेंट्स और कामकाजी युवाओं की बनेगी पहली पसंद

मेट्रो चालू होने के बाद एरोसिटी, महिपालपुर और वसंत कुंज क्षेत्र एयरपोर्ट, एविएशन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में काम करने वाले पेशेवरों के लिए अधिक आकर्षक बन सकते हैं।

वहीं साकेत, इग्नू, छतरपुर और नेब सराय छात्रों और युवा नौकरीपेशा लोगों की पसंदीदा लोकेशन बन सकते हैं, जिससे इन इलाकों में रेंटल हाउसिंग की मांग काफी बढ़ेगी।

🚗 फरीदाबाद के इलाकों पर भी दिखेगा असर, लेकिन सोच-समझकर करें निवेश

हालांकि यह लाइन सीधे फरीदाबाद तक नहीं जाएगी, लेकिन तुगलकाबाद इंटरचेंज के जरिए इसका अप्रत्यक्ष लाभ फरीदाबाद को भी मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि सूरजकुंड, ग्रीन फील्ड्स और चार्मवुड विलेज जैसे इलाकों में अपेक्षाकृत किफायती और बड़े घरों की मांग बढ़ सकती है।

हालांकि, विशेषज्ञों की सलाह है कि हर संपत्ति की कीमत समान रूप से नहीं बढ़ेगी। लाभ उन्हीं संपत्तियों को मिलेगा जो मेट्रो स्टेशन से पैदल दूरी पर हों, जिनके दस्तावेज स्पष्ट हों, और जहां पार्किंग व पानी की बेहतर सुविधा हो। केवल भविष्य में कीमत बढ़ने की उम्मीद पर निवेश करने के बजाय निर्माण की गुणवत्ता और कानूनी दस्तावेजों की जांच करना बेहद जरूरी है।

 






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