दिल्ली के लाजपत नगर में बुधवार रात खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया। यहां डांटने से नाराज एक नौकर ने मालकिन और उसके बेटे की बेरहमी से हत्या क...
दिल्ली के लाजपत नगर में बुधवार रात खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया। यहां डांटने से नाराज एक नौकर ने मालकिन और उसके बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि आरोपी मुकेश आए दिन रुचिका के डांटने से नाराज था और उससे बदला लेना चाहता था। इसलिए बुधवार की रात को वह उनके घर गया और कई वार कर उसकी हत्या कर दी। घटना के वक्त 14 साल का उनका बेटा भी घर पर ही था इसलिए मुकेश ने उसकी भी हत्या कर दी। इस घटना के बाद से ही वह फरार हो गया। वह ट्रेन से बिहार जाने की योजना बना रहा था लेकिन बीच रास्ते में ही ट्रेन से उसे पकड़ लिया गया।
महिला के पति कुलदीप को अभी भी विश्वास नहीं हो रहा है कि उनके लिए काम करने वाला मुकेश ऐसा भी कर सकता है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक कुलदीप ने कहा, मैंने उसे कभी नहीं डांटा था। मैंने हमेशा उसके साथ प्यार से बात की फिर उसने ऐसा क्यों किया? कुलदीप के चचेरे भाई केतन ने बताया कि बुधवार रात को कुलदीप ने उन्हें कॉल किया था। केतन की कुलदीप सेवानी की दुकान के पास ही गार्मेंट की दुकान है। उन्होंने बताया, बुधवार को कुलदीप ने पहले अपने बेटे को घर छोड़ा। उस दौरान रुचिका भाभी दुकान पर थीं। इसके बाद शाम 6 बजे वह भी घर चली गईं।
केतन ने आगे बताया कि कुलदीप भैया को एक वर्कर चाहिए था इसलिए मैंने मुकेश के बारे में बताया। भैया अपना स्टाफ़ के साथ बहुत उदार थे। उन्होंने उनके बच्चों के जन्मदिन भी मनाए। इसलिए मुझे लगा कि मुकेश अपना व्यवहार बदल देगा। मामले का खुलासा तब हुआ जब बुधवार रात 9.43 बजे लाजपत नगर-1 निवासी कुलदीप सेवानी ने पीसीआर को कॉल की। पुलिस के अनुसार, सेवानी ने बताया कि उनकी पत्नी रुचिका (42) और 14 वर्षीय बेटा फोन नहीं उठा रहे हैं और उनके घर की सीढ़ियों पर खून के धब्बे हैं।
कैसे हुआ मामले का खुलासा?
दक्षिण पूर्वी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) हेमंत तिवारी ने कहा, पीसीआर वाहन और जांच दल मौके पर पहुंचे जहां घर का मुख्य दरवाजा बाहर से बंद था। घर की ओर जाने वाली सीढ़ियों पर खून के धब्बे मिले।
उन्होंने कहा, पुलिस घर का दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई। रुचिका और उसके बेटे के शव घर के अंदर से बरामद किए गए। तिवारी ने बताया कि महिला का शव शयनकक्ष में मिला जिसका गला रेता हुआ था और बेटे का शव स्नानगृह से बरामद किया गया। उन्होंने कहा कि दोनों की धारदार हथियार से हत्या की गई थी।
पुलिस ने बताया कि मुकेश पिछले तीन-चार सालों से परिवार के साथ उनकी दुकान पर काम कर रहा था और उसका उनके घर में आना-जाना था, क्योंकि परिवार अपने उत्पादों को घर के गोदाम में रखता था। लाजपत नगर बाजार की दुकान में वह कुलदीप और रुचिका की सहायता करता था तथा उनके चालक के रूप में भी काम करता था। उन्होंने बताया कि हालांकि वह लाजपत नगर की दुकान में सहायक के तौर पर काम करता था, लेकिन वह कुलदीप और रुचिका का ड्राइवर भी था। डीसीपी ने कहा, ‘‘कुलदीप और रुचिका मिलकर दुकान चलाते थे और उनका बेटा दसवीं कक्षा में पढ़ता था। जांच से जुड़े पुलिस के एक अन्य अधिकारी ने कहा, ‘‘प्रथम दृष्टया वारदात बुधवार शाम साढ़े सात बजे से साढ़े आठ बजे के बीच हुई। दिन के समय महिला ने मुकेश को किसी बात पर डांटा था, जिसका बदला लेने के लिए उसने ऐसा किया। ऐसा प्रतीत होता है कि उसने पहले महिला की गला रेतकर हत्या की और उसके बाद लड़के को भी मार डाला।
8 दिन की छुट्टी ली और 25 दिन गायब रहा
जानकारी के मुताबिक मुकेश रुचिका से 40,000 रुपये से अधिक उधार लेने और ठीक से काम न करने तथा बार-बार छुट्टी लेने के कारण डांट खाने के कारण दबाव में था।

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