दादरी, 3 अक्टूबर 2026: लंबित मांगों पर शासन और राजस्व परिषद की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से लेखपाल संवर्ग में नाराजगी बढ़ती जा रही ह...
दादरी, 3 अक्टूबर 2026: लंबित मांगों पर शासन और राजस्व परिषद की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से लेखपाल संवर्ग में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लेखपालों ने 17 अक्टूबर 2026 से प्रदेशव्यापी संपूर्ण कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो राजस्व संबंधी कामकाज ठप कर आंदोलन किया जाएगा।
लेखपालों के अनुसार उन्हें एक दिन में दो-तीन गांवों में वरासत की जांच, विभिन्न प्रार्थना पत्रों के निस्तारण सहित कई राजस्व कार्य करने पड़ते हैं। ऐसे में एक ग्राम सचिवालय में बैठकर कार्य करने की व्यवस्था व्यावहारिक नहीं है। उनका कहना है कि इससे दूसरे गांवों के कार्य प्रभावित होंगे। इस समस्या को लेकर 30 जून को संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन भी दिया जा चुका है।
लेखपालों ने 20 अगस्त को सोहावल में पंचायत भवन पर सरकारी कार्य कर रहे लेखपाल उत्कर्षदीप की एंटी करप्शन टीम द्वारा की गई ट्रैपिंग की घटना का भी हवाला दिया। लेखपालों का कहना है कि इस घटना के बाद संवर्ग में भय का माहौल बना हुआ है और कार्य के दौरान सुरक्षा एवं परिस्थितियों को लेकर चिंता बनी हुई है।
इसके अलावा लेखपाल पद को टेक्निकल घोषित करने, लैपटॉप और मोबाइल सहित आवश्यक तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराने की मांग उठाई गई है। लेखपालों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो 17 अक्टूबर से प्रदेशव्यापी कार्य बहिष्कार शुरू किया जाएगा।



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