दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में लगातार सामने आ रही इमारतें ढहने की घटनाओं के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने सभी 12 जोनों में निरीक्षण अभियान बेह...
दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में लगातार सामने आ रही इमारतें ढहने की घटनाओं के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने सभी 12 जोनों में निरीक्षण अभियान बेहद तेज कर दिया है। पिछले डेढ़ से दो महीनों के भीतर निगम ने पीजी (PG), कोचिंग सेंटर, पुस्तकालयों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों समेत दो हजार से अधिक ऐसी इमारतों को चिन्हित किया है, जिन्हें ढांचागत (स्ट्रक्चरल) सुरक्षा प्रमाणपत्र प्राप्त करने या उसका नवीनीकरण कराने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। निगम अधिकारियों के मुताबिक, जिन भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों, भवन निर्माण उपनियमों (Building Bye-laws) और मास्टर प्लान के नियमों का उल्लंघन पाया गया है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए 1500 से अधिक इमारतों को सील करने की कार्रवाई की जा चुकी है।
⚠️ हादसों के बाद बढ़ी प्रशासनिक सख्ती: सत्य निकेतन और सीलमपुर जैसी घटनाओं के मद्देनजर चलाया जा रहा सेफ्टी ऑडिट अभियान
हाल के महीनों में दिल्ली के विभिन्न इलाकों में हुए दर्दनाक हादसों ने भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सितंबर महीने में सत्य निकेतन में पांच मंजिला पीजी इमारत ढहने से सात लोगों की जान चली गई थी, जबकि अक्टूबर में उत्तर-पूर्वी दिल्ली के न्यू सीमापुरी में पांच मंजिला इमारत गिरने से कई लोगों की मौत हो गई थी। इससे पहले जुलाई में रोहिणी सेक्टर-16 में भी निर्माणाधीन इमारतें ढह गई थीं। इन तमाम त्रासदियों के बाद एमसीडी ने सुरक्षा ऑडिट को अनिवार्य बनाते हुए ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके और शहर में सुरक्षित निर्माण सुनिश्चित हो सके।

कोई टिप्पणी नहीं