उत्तर प्रदेश के जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जिसे आधिकारिक रूप से ‘नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ नाम दिए जाने का प्रस्ताव है) से ...
उत्तर प्रदेश के जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जिसे आधिकारिक रूप से ‘नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ नाम दिए जाने का प्रस्ताव है) से अगले वर्ष जनवरी माह तक अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने की पूरी तैयारी कर ली गई है। वर्तमान में एयरपोर्ट के टर्मिनल का निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में चल रहा है और लाइटिंग समेत साज-सज्जा से जुड़े अन्य कार्यों को तेजी से पूरा किया जा रहा है। नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बकास) द्वारा दिसंबर तक सभी सुरक्षा पहलुओं की गहन जांच के बाद अंतिम मंजूरी मिलने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
🔍 बकास की टीम करेगी सुरक्षा मानकों की जांच: इसी महीने पूरे हो जाएंगे सजावट और टर्मिनल के सभी कार्य
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नायल) के सीईओ आरके सिंह ने जानकारी दी है कि इंटरनेशनल टर्मिनल का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और बचे हुए सजावट तथा लाइटिंग के काम इसी महीने के भीतर समाप्त हो जाएंगे। नवंबर में नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो की टीम एयरपोर्ट पर सुरक्षा मानकों की जांच शुरू कर देगी। इस जांच के दौरान यात्री, सामान, एयरलाइन, ग्राउंड हैंडलिंग और एयरपोर्ट के अलग-अलग सुरक्षा जोन के आपसी तालमेल और सुरक्षा व्यवस्था की बारीकी से पड़ताल की जाएगी, जिसके बाद दिसंबर तक औपचारिक मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
📈 चार चरणों में होगा एयरपोर्ट का विशाल विस्तार: 2031 तक तीन करोड़ यात्री कर सकेंगे सफर
यह महत्वाकांक्षी एयरपोर्ट कुल चार चरणों में विकसित किया जा रहा है। इसके पहले चरण को 1334 हेक्टेयर भूमि में विकसित किया गया है, जिसमें 3900 मीटर लंबा रनवे, एक लाख वर्गमीटर में फैला विशाल टर्मिनल भवन, एटीसी टावर और कार्गो हब शामिल हैं। फिलहाल यहां से घरेलू उड़ानें संचालित हो रही हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होने के बाद यात्रियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी की उम्मीद है। मास्टरप्लान के मुताबिक, साल 2031 तक इस एयरपोर्ट पर सालाना तीन करोड़ यात्री सफर कर सकेंगे, जबकि सभी चरणों और कुल पांच रनवे के पूरी तरह तैयार हो जाने के बाद इसकी क्षमता प्रतिवर्ष सात करोड़ यात्रियों तक पहुँच जाएगी।

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