राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के द्वारका स्थित विशेष पॉक्सो अदालत ने अंधविश्वास और इलाज के नाम पर दरिंदगी करने वाले एक ढोंगी बाबा को ऐतिहासिक ...
राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के द्वारका स्थित विशेष पॉक्सो अदालत ने अंधविश्वास और इलाज के नाम पर दरिंदगी करने वाले एक ढोंगी बाबा को ऐतिहासिक सजा सुनाई है। अदालत ने साल 2025 में 8 साल की एक बीमार बच्ची के साथ इलाज और तंत्र-विद्या के बहाने दुष्कर्म करने वाले 74 वर्षीय दोषी असगर वाखो को उम्रकैद (जीवनभर कारावास) की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने दोषी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है और पीड़ित मासूम को 15 लाख रुपये का मुआवजा देने का सख्त आदेश जारी किया है।
🏚️ उत्तम नगर इलाके की घटना: फकीर बाबा बनकर घर में घुसा था आरोपी, बीमारी ठीक करने का दिया था झांसा
यह सनसनीखेज मामला फरवरी 2025 का है, जब उत्तम नगर इलाके में एक बच्ची दौरे की बीमारी से पीड़ित थी और उसके परिजन इलाज के लिए चमत्कार की आस लगाए बैठे थे। इसी लाचारी का फायदा उठाकर आरोपी असगर खुद को फकीर बाबा बताकर उनके घर पहुँचा और तंत्र-विद्या से बीमारी जड़ से खत्म करने का दावा किया। पूजा-पाठ का बहाना बनाकर उसने परिजनों को दूसरे कमरे में भेज दिया और बच्ची को दीवार की तरफ मुंह करके आंखें बंद करने को कहकर उसके साथ कुकर्म किया। साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से आरोपी ने तुरंत बच्ची को नहाने के लिए भी भेज दिया था।
👁️ अदालत की सख्त टिप्पणी: 'तांत्रिकों पर अंधा विश्वास करना खतरनाक', सीसीटीवी फुटेज बना न्याय का आधार
सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक चंदर जीत यादव ने कोर्ट में मजबूत सबूत के तौर पर सीसीटीवी फुटेज पेश की, जिसमें आरोपी की करतूत साफ कैद थी। बचाव पक्ष ने उम्र का हवाला देकर नरमी की अपील की, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वैभव मेहता ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि तांत्रिकों या ढोंगी बाबाओं पर आंख मूंदकर भरोसा करना बेहद खतरनाक है। लोग बिना जांच-परख के ऐसे लोगों को अपने घरों में प्रवेश दे देते हैं, जिस पर रोक लगनी चाहिए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सीसीटीवी फुटेज की मौजूदगी के कारण ही इस मामले में सही न्याय संभव हो सका है।

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