भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली के पीएचडी स्कॉलर मनीष आनंद का शनिवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में इलाज के दौरान ...
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली के पीएचडी स्कॉलर मनीष आनंद का शनिवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में इलाज के दौरान निधन हो गया। वह बीते 18 अगस्त से अस्पताल में भर्ती थे और उनका इलाज चल रहा था। छात्र दक्षिणी दिल्ली के मुनिरका गांव स्थित अपने किराए के मकान में बेहोश और गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले थे, जिसके बाद पड़ोसियों ने अंदर से बंद दरवाजा तोड़कर उन्हें बाहर निकाला था और पुलिस उन्हें तुरंत एम्स ट्रॉमा सेंटर लेकर गई थी, जहां 3 अक्टूबर को उन्होंने अंतिम सांस ली।
📝 सुप्रमी कोर्ट के निर्देश और सुरक्षा अधिकारी की शिकायत पर दर्ज हुई FIR: आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला
इस संवेदनशील मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और आईआईटी दिल्ली के सिक्योरिटी ऑफिसर की औपचारिक शिकायत के आधार पर किशनगढ़ थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। यह एफआईआर आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं के तहत दर्ज की गई है। हालांकि, साउथवेस्ट डिस्ट्रिक्ट पुलिस के बयान के अनुसार, अभी तक पुलिस ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह एफआईआर किस विशिष्ट व्यक्ति या पक्ष के खिलाफ दर्ज की गई है, क्योंकि मनीष अपने कमरे में अकेले थे जिसकी पुष्टि सीसीटीवी फुटेज से भी होती है।
⚠️ इस साल IIT दिल्ली में छात्र की मौत का तीसरा मामला: कैंपस और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
पुलिस और अधिकारियों का कहना है कि परिवार या किसी अन्य गवाह ने फिलहाल किसी पर कोई प्रत्यक्ष आरोप या शक जाहिर नहीं किया है। गौरतलब है कि इस साल आईआईटी दिल्ली के छात्रों से जुड़ी यह तीसरी ऐसी दुखद घटना है। इससे पहले 22 अगस्त को फिजिक्स के 31 वर्षीय एक छात्र ने कैंपस की इमारत से छलांग लगा दी थी, जबकि मार्च के महीने में भी एक 19 वर्षीय बीटेक छात्र का शव उसके कमरे में मिला था। इन लगातार हो रही घटनाओं के बाद से शिक्षण संस्थानों में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं जताई जा रही हैं।

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