15 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाले यूपीआई मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के नए नियमों को दिवाली के बाद तक के लिए आगे बढ़ा दिया गया है। 13 अक्टूब...
15 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाले यूपीआई मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के नए नियमों को दिवाली के बाद तक के लिए आगे बढ़ा दिया गया है। 13 अक्टूबर को नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने एक आधिकारिक प्रेस नोट जारी कर यह स्पष्ट किया कि फिलहाल यूपीआई ट्रांजेक्शन पर कोई नया चार्ज लागू नहीं किया जाएगा। गौरतलब है कि ₹2,000 से अधिक के पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) यूपीआई पेमेंट पर 0.4 फीसदी एमडीआर लगाने की तैयारी थी, जिसे इसी हफ्ते गुरुवार से लागू होना था। लेकिन त्योहारी सीजन और बाजार की स्थिति को देखते हुए एनपीसीआई ने इसे दिवाली तक स्थगित करने का फैसला लिया है। अब इसकी नई तारीखों का ऐलान दिवाली के बाद किया जाएगा।
🛍️ क्यों टली नई व्यवस्था? मर्चेंट बॉडीज और फिनटेक कंपनियों के विरोध का असर
मर्चेंट एसोसिएशनों से लेकर फिनटेक कंपनियों तक ने इस नए चार्ज का लगातार विरोध किया था। उनका तर्क था कि दीवाली व धनतेरस की खरीदारी के दौरान एमडीआर चार्ज लागू होने से इसका सीधा नकारात्मक असर व्यापार की लागत पर पड़ेगा। यदि व्यापारियों पर एमडीआर का वित्तीय बोझ बढ़ता, तो इसकी आशंका थी कि व्यापारी इस लागत की भरपाई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आम ग्राहकों से ही करते। बाजार में महंगाई और त्योहारी बिक्री को ध्यान में रखते हुए यूपीआई संचालन समिति ने अपने कदम पीछे खींच लिए हैं। सूत्रों के अनुसार, एनपीसीआई इस योजना को जनवरी 2027 तक टालने के प्रस्ताव पर भी विचार कर रही है।
📊 क्या है MDR चार्ज का पूरा गणित और कार्ड्स के मुकाबले क्यों है पेचीदा?
यूपीआई संचालन समिति के पूर्व प्रस्ताव के अनुसार, यदि कोई ग्राहक किसी व्यापारी को ₹2,000 से अधिक का यूपीआई भुगतान करता है, तो संबंधित व्यापारी को 0.4% बतौर फीस देना होता (उदाहरण स्वरूप ₹10,000 के भुगतान पर ₹40 की फीस)। कार्ड पेमेंट के मुकाबले यूपीआई पर चार्ज तय करना बेहद जटिल है, क्योंकि देश में जहाँ कार्ड पेमेंट के केवल 1.1 करोड़ टर्मिनल्स हैं, वहीं यूपीआई का दायरा 10 करोड़ से अधिक मर्चेंट्स तक फैला हुआ है, जिसमें छोटे कस्बों और गांवों के व्यापारी भी शामिल हैं। वित्त मंत्रालय ने भी पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि एमडीआर लागू करने की तारीख और ढांचा तय करना पेमेंट इकोसिस्टम और स्टेकहोल्डर्स का आपसी फैसला होगा।

कोई टिप्पणी नहीं