राजधानी दिल्ली में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संवेदनशील स्थानों पर संभावित विरोध प्रदर्शनों से निपटने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAP...
राजधानी दिल्ली में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संवेदनशील स्थानों पर संभावित विरोध प्रदर्शनों से निपटने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की तैनाती को आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। दिल्ली पुलिस ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि राजधानी में CAPF की तैनाती आगामी 20 अक्टूबर तक जारी रखी जाए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान हालातों और विभिन्न संगठनों द्वारा संभावित प्रदर्शनों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करना बेहद जरूरी है।
🏛️ जंतर-मंतर से संसद भवन तक प्रदर्शन की आशंका: मंत्रियों के आवास और कार्यालय भी रडार पर
जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने भीम आर्मी, छात्र संगठनों और अन्य राजनीतिक दलों व संगठनों द्वारा निकाले जाने वाले संभावित मार्च को लेकर यह मांग उठाई है। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों के निशाने पर जंतर-मंतर, चुनाव आयोग, संसद भवन और इंडिया गेट जैसे अति-संवेदनशील स्थान हो सकते हैं। इसके अलावा केंद्रीय मंत्रियों के कार्यालयों और आवासों के बाहर भी विरोध प्रदर्शन की आशंका जताई गई है। किसी भी अप्रिय स्थिति या आपातकाल से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस ने गृह मंत्रालय से अतिरिक्त समय तक सुरक्षा बल तैनात रखने की गुजारिश की है।
📊 कितनी कंपनियों की की गई है मांग? जानिए क्या है मौजूदा स्थिति
राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर CAPF की कुल 301 कंपनियों की तैनाती को मंजूरी दी गई थी। इनमें से 221 कंपनियों को 6 अक्टूबर और 80 कंपनियों को 8 अक्टूबर को मंजूरी मिली थी। हालांकि, 80 अतिरिक्त कंपनियों में से कुछ के समय पर रिपोर्ट न कर पाने के कारण सुरक्षा बलों की उपलब्धता को लेकर चुनौतियां भी सामने आई थीं। गौरतलब है कि मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और अन्य मुद्दों को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों द्वारा लगातार प्रदर्शन किए जा रहे हैं, जिसके चलते पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है।

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