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Delhi Development Authority: डीडीए ने शुरू की 15 नई पुनर्वास परियोजनाएं, उसी जगह पर बनाए जाएंगे आधुनिक फ्लैट

दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने राष्ट्रीय राजधानी में झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों के लिए एक बेहद राहतभरी और बड़ी पहल शुरू की है। डीडीए...

दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने राष्ट्रीय राजधानी में झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों के लिए एक बेहद राहतभरी और बड़ी पहल शुरू की है। डीडीए ने दिल्ली के 45 जेजे क्लस्टर्स (झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों) का 'इन-सीटू' यानी उसी स्थान पर पुनर्वास करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत लगभग 21,229 परिवारों को उनकी वर्तमान जगह पर ही आधुनिक और पक्के मकान उपलब्ध कराए जाएंगे। सबसे खास बात यह है कि इन परिवारों को अपनी जगह छोड़कर दूर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे एक लाख से अधिक लोगों के जीवन स्तर में सुधार होने की पूरी संभावना है।

📋 15 प्रोजेक्ट्स पर शुरू हुआ काम, तैयार होगी फिजिबिलिटी रिपोर्ट

रिपोर्ट के मुताबिक, डीडीए ने राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न हिस्सों में फैले 135.74 एकड़ क्षेत्र में स्थित 45 जेजे क्लस्टरों से जुड़े 15 प्रोजेक्ट्स के लिए फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए तीन ट्रांजैक्शन एडवाइजरों की नियुक्ति हेतु 'रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल' (RFP) जारी किया गया है। ये एडवाइजर चुने गए क्लस्टरों की पुनर्वास संबंधी आवश्यकताओं, विकास की संभावनाओं और बुनियादी ढांचे की जरूरतों का गहन आकलन करेंगे। इसके साथ ही प्रोजेक्ट की आर्थिक व्यवहार्यता की जांच कर इन्हें लागू करने के लिए सबसे उपयुक्त मॉडल सुझाए जाएंगे।

🏙️ मास्टर प्लान 2047 के तहत नए इलाकों और ऊंची इमारतों का रास्ता साफ

केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा 'मास्टर प्लान ऑफ दिल्ली 2047' को नोटिफाई किए जाने के बाद राजधानी में ऊंची इमारतें और घनी आबादी वाले आधुनिक क्षेत्रों के विकास का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इस योजना के अंतर्गत 650 से ज्यादा जेजे क्लस्टरों में रहने वाले लगभग 17 लाख लोगों का चरणबद्ध तरीके से उसी जगह पर पुनर्वास कराया जाना है। 'इन-सीटू' पुनर्वास मॉडल के जरिए न केवल झुग्गीवासियों को बेहतर और स्थायी आशियाना मिलेगा, बल्कि अतिरिक्त आवास स्टॉक और कमर्शियल स्पेस तैयार होने से शहरी विकास को भी नई गति मिलेगी।






 

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