दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पंजाब में खौफ का पर्याय बने कुख्यात गैंगस्टर हिमांशु भाऊ ने अपने नेटवर्क को फैलाने के लिए आधुनिक तकनीक का ...
दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पंजाब में खौफ का पर्याय बने कुख्यात गैंगस्टर हिमांशु भाऊ ने अपने नेटवर्क को फैलाने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और एनआईए (NIA) द्वारा तैयार चार्जशीट में यह बड़ा खुलासा हुआ है। विदेश में बैठकर भाऊ इंस्टाग्राम और स्नैपचैट जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अत्याधुनिक हथियारों, महंगी गाड़ियों और दबंगई भरे हरियाणवी गानों वाली रील्स पोस्ट करवाता था। दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी यूपी के 18 से 25 साल के युवा इन रील्स के आकर्षण में फंस जाते थे। जो लड़के इन पोस्ट्स पर 'डॉन' या हथियारों के इमोजी कमेंट करते थे, भाऊ के डिजिटल हैंडलर उनकी प्रोफाइल चेक कर उन्हें स्नैपचैट या टेलीग्राम के सीक्रेट चैट रूम का लिंक भेजकर गिरोह में शामिल कर लेते थे।
🌐 हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में 257 गुर्गों का नेटवर्क: लॉरेंस बिश्नोई, नंदू और अर्श डल्ला गैंग की भर्ती रणनीति का भी हुआ खुलासा
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया के खिलाफ अकेले हरियाणा में ही 108 से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं (भाऊ पर 64 और नीरज पर 44 केस)। दोनों के नेटवर्क में करीब 257 गुर्गे सक्रिय हैं, जिन्हें तिहाड़ जेल में बंद नीरज बवाना और बंबीहा गैंग का भी समर्थन हासिल है। चार्जशीट में देश के अन्य बड़े गैंगस्टर गिरोहों की भर्ती तकनीकों का भी ब्योरा दिया गया है:
लॉरेंस बिश्नोई-गोल्डी बराड़: सोशल मीडिया पर 'रॉबिनहुड' छवि पेश कर युवाओं को जोड़ना और कनाडा से संपर्क करना।
कपिल सांगवान उर्फ नंदू: लंदन में बैठकर गांवों के प्रॉपर्टी विवादों और दुश्मनी में फंसे लड़कों को बैकअप देना।
लखबीर सिंह लंडा-हरविंदर रिंदा: सीमावर्ती इलाकों में नशा सप्लाई का लालच देकर युवाओं से अपराध कराना।
अर्श डल्ला: बेरोजगार व कर्ज में डूबे युवाओं को 'डेड ड्रॉप' तकनीक के जरिए विदेशी हथियार उपलब्ध कराना।

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