नई दिल्ली । कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह संयोजकों सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत बढ़ाए जाने के मामले पर सियासत गरमा गई है। पश्...
नई दिल्ली । कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह संयोजकों सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत बढ़ाए जाने के मामले पर सियासत गरमा गई है। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने CJP नेताओं की गिरफ्तारी और हिरासत बढ़ाए जाने पर तीखी नाराजगी जताते हुए इसे लोकतंत्र पर सीधा हमला करार दिया है। ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि जेन जी के युवाओं को सताना बंद किया जाना चाहिए और यह 'सरकार प्रायोजित आतंकवाद' व पुलिसिया अत्याचार है, जो ज्यादा दिन नहीं टिकेगा। उन्होंने दोनों नेताओं को तुरंत रिहा किए जाने की मांग की है, जिस पर CJP ने उनका आभार जताया है।
🔍 क्राइम ब्रांच को सौंपी गई जंतर मंतर मामले की जांच: तिहाड़ जेल में बंद नेताओं की रिहाई को लेकर बढ़ा राजनीतिक तनाव
उधर, जंतर मंतर पर कथित रूप से अवैध प्रवेश और प्रदर्शन के मामले में जांच अब स्थानीय पुलिस से हटाकर क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना के पीछे किसी बड़ी साजिश की आशंका के चलते यह कदम उठाया गया है। सीजेपी के नेता 13 अक्टूबर को जंतर मंतर पर पहुंचे थे जिसके बाद उन पर मामला दर्ज किया गया था। पार्टी प्रमुख अभिजीत दीपके ने भी केंद्र सरकार पर युवा प्रदर्शनकारियों को डराने-धमकाने का आरोप लगाया है। सीजेपी लगातार अपने नेताओं की रिहाई के लिए कानूनी और राजनीतिक स्तर पर संघर्ष कर रही है।

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