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Chhath Puja 2026 Travel Crisis: छठ पर घर लौटना हुआ मुश्किल, ट्रेनों में नो रूम और फ्लाइट का किराया तीन गुना तक बढ़ा

लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा (13 से 16 नवंबर) के पावन अवसर पर अपने घर बिहार लौटने की इच्छा रखने वाले प्रवासियों के लिए यात्रा इस बार किसी बड...

लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा (13 से 16 नवंबर) के पावन अवसर पर अपने घर बिहार लौटने की इच्छा रखने वाले प्रवासियों के लिए यात्रा इस बार किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। देश के प्रमुख महानगरों जैसे दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता और चेन्नई से बिहार आने वाले यात्रियों को आसानी से कंफर्म ट्रेन टिकट नहीं मिल पा रहे हैं। रेलवे आरक्षण प्रणाली में अधिकांश प्रमुख ट्रेनों की सीटें ‘REGRET’ (नो रूम) दर्शा रही हैं या फिर वेटिंग लिस्ट सैकड़ों के पार पहुंच चुकी है, जिससे घर जाने की उम्मीद लगाए बैठे लोगों की चिंता बढ़ गई है।

✈️ आसमान छूता हवाई किराया: ट्रेन टिकट न मिलने पर फ्लाइट का रुख करने वाले यात्रियों की जेब पर भारी मार

ट्रेनों में जगह न मिलने के कारण जो यात्री मजबूरी में हवाई यात्रा का विकल्प चुन रहे हैं, उन्हें एयरलाइंस द्वारा वसूले जा रहे भारी-भरकम किराए का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली, कोलकाता, बेंगलुरु और चेन्नई से पटना आने वाली उड़ानों के किराए में सामान्य दिनों की तुलना में तीन गुना तक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। त्योहारी सीजन में मांग अचानक बढ़ने, एविएशन टर्बाइन फ्यूल के महंगे होने और नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा किराए की ऊपरी सीमा हटाए जाने के कारण एयरलाइंस लगातार मनमाना किराया वसूल रही हैं।

📊 प्रमुख मार्गों पर ट्रेनों और विमानों की वर्तमान स्थिति

स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दिल्ली से पटना जाने वाली संपूर्ण क्रांति, श्रमजीवी और विक्रमशिला जैसी प्रतिष्ठित ट्रेनों में भी स्लीपर और एसी श्रेणियों की सीटें पूरी तरह बुक या वेटिंग में हैं। इसी प्रकार मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई से आने वाली संघमित्रा, बागमती और एलटीएक्स एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में भी यात्रियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासनिक स्तर पर यात्रियों की सुविधा के लिए कुछ फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों के संचालन के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन भारी भीड़ के आगे वे नाकाफी साबित हो रहे हैं।






 

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