राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बहुप्रतीक्षित बारापुला फेज-3 के खुलने के बाद से इस नए कॉरिडोर पर रोजाना भारी ट्रैफिक जाम की समस्या देखने को मिल...
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बहुप्रतीक्षित बारापुला फेज-3 के खुलने के बाद से इस नए कॉरिडोर पर रोजाना भारी ट्रैफिक जाम की समस्या देखने को मिल रही है। सोमवार यानी हफ्ते के पहले कार्य दिवस पर भी सुबह से ही यही स्थिति बनी रही। कॉरिडोर पर भीषण जाम के चलते यात्रियों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसे देखते हुए पुलिस द्वारा मयूर विहार से एनएच-9 और डीएनडी की तरफ ट्रैफिक को डायवर्ट किया जा रहा है। कई वाहन चालक जाम से बचने के लिए रॉन्ग साइड (उल्टा) वाहन चलाने को मजबूर हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।
🚧 जाम की मुख्य वजह 'स्ट्रक्चरल बॉटलनेक': 8-9 लेन का भारी ट्रैफिक सिर्फ 3 लेन में सिमटने से लग रही लंबी कतारें
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, इस भीषण जाम का सबसे बड़ा कारण 'स्ट्रक्चरल बॉटलनेक' यानी सड़क का संकरा होना है। यह समस्या पुराने बारापुला फ्लाईओवर के पास है, जहाँ कई अलग-अलग दिशाओं से आने वाली करीब 8 से 9 लेन का ट्रैफिक एक ही संकरे प्वाइंट पर आकर आपस में मिलता है। पुराना बारापुला फ्लाईओवर (फेज-1 और 2) 3 लेन का है, जबकि नए फेज-3 और सराय काले खां व डीएनडी साइड के लूप भी 3-3 लेन के हैं। इतनी अधिक संख्या में आने वाले वाहन जब पुराने फ्लाईओवर की सिर्फ 3 लेन में समाहित होते हैं, तो गाड़ियों की लंबी कतारें लग जाती हैं।
📱 गूगल मैप भी नहीं कर रहा सही अपडेट: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 29 सितंबर को किया था 1,635 करोड़ के इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन
यातायात को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के जवानों को दोनों प्रमुख मर्जिंग प्वाइंट्स पर तैनात किया गया है, फिर भी स्थिति सामान्य होने में वक्त लग रहा है। पुलिस ने यह भी बताया कि गूगल मैप पर लाइव ट्रैफिक फ्लो समय पर अपडेट न होने के कारण रास्तों पर ग्रीन सिग्नल (बिना जाम) दिखाई देता है, जिससे वाहन चालक उस रूट पर फंस जाते हैं। गौरतलब है कि 1,635 करोड़ रुपए की लागत से बने इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 29 सितंबर को किया था, लेकिन शुरुआती दिनों में ही तकनीकी और संरचनात्मक खामियों के चलते जनता को राहत के बजाय जाम से जूझना पड़ रहा है।

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