नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन के दौरान हुए मारपीट के मामले में एससी-एसटी एक्ट के तहत गिरफ्तार किए गए स्वतंत्र भ...
नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन के दौरान हुए मारपीट के मामले में एससी-एसटी एक्ट के तहत गिरफ्तार किए गए स्वतंत्र भारद्वाज की जमानत याचिका पर दिल्ली की एक अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. आरोपी भारद्वाज की ओर से अदालत में राहत की मांग करते हुए कई प्रमुख दलीलें दी गईं और कहा गया कि उसे पूरी तरह राजनीतिक वजहों से दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जबकि असलियत में खुद शिकायतकर्ता ने ही उस पर हमला किया था और यह बात वीडियो में भी स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है.
🎥 2. वायरल इंटरव्यू के बाद बुलंदशहर से हुई थी गिरफ्तारी, वकील बोले- वीडियो में साफ दिख रहा है कि शिकायतकर्ता ने किया था हमला
भारद्वाज पर आरोप है कि जून में जंतर-मंतर पर सीजेपी का आंदोलन शुरू होने के बाद उसने एक दलित सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर के पिता पर हमला किया था. हाल ही में स्वतंत्र भारद्वाज को तब गिरफ्तार किया गया जब उसने एक यूट्यूब चैनल को इंटरव्यू देते हुए यह बयान दिया कि उसने सिर फोड़ दिया था, लेकिन राजनीतिक पहुंच के कारण उसे जेल नहीं जाना पड़ा. यह वीडियो वायरल होने के बाद चंद्रशेखर आजाद और कांग्रेस नेताओं के दबाव पर पुलिस ने उसे यूपी के बुलंदशहर से गिरफ्तार कर लिया था. फिलहाल वह 14 दिन की न्यायिक हिरासत में है.
🏛️ 3. अदालत में दोनों पक्षों की दलीलें हुईं पूरी, पुलिस ने बताया- दोबारा बयान दर्ज होने के बाद जोड़ी गई एससी-एसटी एक्ट की धारा
आरोपी के वकील उमेश शर्मा ने अडिशनल सेशंस जज सौरभ प्रताप सिंह लालेर की अदालत में दलील दी कि पुलिस एक तरफा कार्रवाई कर रही है और वीडियो में साफ दिख रहा है कि शिकायतकर्ता ने हमला किया था. वहीं, शिकायतकर्ता की वकील स्वाति खन्ना ने कहा कि आरोपी ने जातिगत टिप्पणियां की हैं और वीडियो में अपना जुर्म कबूला है. दिल्ली पुलिस ने अदालत को अवगत कराया कि शुरुआत में एफआईआर दर्ज करते समय जातिगत अपशब्दों का जिक्र नहीं था, लेकिन बाद में बयान दोबारा दर्ज होने पर एससी-एसटी एक्ट की धारा जोड़ी गई.

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