नोएडा: नोएडा में सहकारी आवासीय समिति के फ्लैटों में रह रहे लोगों को करीब 15 साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार फ्लैट का मालिकाना हक मिल सकेगा...
नोएडा: नोएडा में सहकारी आवासीय समिति के फ्लैटों में रह रहे लोगों को करीब 15 साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार फ्लैट का मालिकाना हक मिल सकेगा। समिति की एनओसी, अंतरण शुल्क (ट्रांसफर चार्ज) जमा करने और निर्धारित जरूरी दस्तावेजों के आधार पर अब काबिज व्यक्ति के नाम फ्लैट की रजिस्ट्री हो सकेगी। शनिवार को आयोजित प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव को आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है, जिससे शहर के 2000 से अधिक लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
📝 2. कई बार बिक चुके फ्लैटों के लिए देना होगा शपथपत्र, प्राधिकरण तय करेगा अंतरण और विलंब शुल्क
अधिकारियों के अनुसार, सेक्टर-21, 25, 28, 29 और 37 समेत विभिन्न सेक्टरों में कई ऐसे फ्लैट हैं जो जीपीए (GPA) के आधार पर बिना रजिस्ट्री के कई बार बिक चुके हैं, जिससे प्राधिकरण और शासन को वित्तीय नुकसान हो रहा था। एयर फोर्स नेवल हाउसिंग बोर्ड ने भी ऐसे 729 फ्लैटों की सूची सौंपी थी। अब रजिस्ट्री कराने के लिए वर्तमान कब्जेदार को समिति की एनओसी, चेन ऑफ ट्रांसफर की सूची और किसी भी विवाद की पूरी जिम्मेदारी खुद लेने से संबंधित एक शपथपत्र देना होगा। इसके अलावा फ्लैट जितनी बार बिका है, उसके आधार पर 2.5% से लेकर अधिकतम 15% तक का अंतरण शुल्क और तय समय में काम न होने पर विलंब शुल्क चुकाना होगा।
💰 3. सेक्टर-96 में 315 करोड़ की लागत से बनेगा 12 मंजिला नया टावर, कचरा निस्तारण के लिए वेस्ट टू एनर्जी प्लांट को भी मंजूरी
बोर्ड बैठक में अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए सेक्टर-96 स्थित नोएडा प्राधिकरण के नए दफ्तर के अधूरे टावर को 315 करोड़ रुपये की लागत से 12 मंजिला बनाने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दी गई। इसके अलावा, वन टाइम लीज रेंट की राशि की एफडी से मिलने वाले ब्याज से शहर की साफ-सफाई और जलापूर्ति के लिए 'कॉपर्स फंड' बनाया जाएगा। साथ ही, सेक्टर-145 में सूखे कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए 100 टीपीडी क्षमता का 'वेस्ट टू एनर्जी प्लांट' लगाने का भी फैसला लिया गया है। बैठक में नोएडा के सीईओ कृष्णा करुणेश और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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