दिल्ली में आपराधिक मामलों की वैज्ञानिक जांच के लिए फॉरेंसिक सुविधाओं को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. मुख्यमंत्र...
दिल्ली में आपराधिक मामलों की वैज्ञानिक जांच के लिए फॉरेंसिक सुविधाओं को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई व्यय वित्त समिति (EFC) की बैठक में शेख सराय में अत्याधुनिक क्षेत्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (RFSL) के निर्माण को आधिकारिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है. इस महत्वकांक्षी परियोजना के लिए 151.81 करोड़ रुपए के बजट को भी मंजूरी दी गई है. मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग (PWD) को इस परियोजना का निर्माण कार्य दो साल के भीतर पूरा करने का सख्त लक्ष्य सौंपा है.
⚖️ 2. नए आपराधिक कानूनों की आवश्यकताओं को पूरा करेगी नई FSL, रोहिणी स्थित प्रयोगशाला को मिलेगा संबल
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इस नई क्षेत्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला के बन जाने से गृह विभाग और दिल्ली पुलिस को देश में लागू नए आपराधिक कानूनों की जरूरतों को पूरा करने में बहुत सहायता मिलेगी. भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के आने के बाद से आपराधिक मामलों में फॉरेंसिक जांच की मांग में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. यह नई क्षेत्रीय FSL इस बढ़ी हुई मांग को पूरा करने के साथ-साथ रोहिणी स्थित मौजूदा FSL की कार्यक्षमता को भी काफी मजबूत करेगी.
🔍 3. साक्ष्यों की जांच और रिपोर्ट प्रक्रिया होगी तेज, दक्षिण और मध्य दिल्ली के जिलों को मिलेगा इसका सीधा लाभ
दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने जानकारी देते हुए कहा कि नई क्षेत्रीय FSL के शुरू होने के बाद अपराध से जुड़े साक्ष्यों की जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया बेहद तेज और सुगम हो जाएगी. इस अत्याधुनिक सुविधा से साक्ष्य-आधारित जांच को बढ़ावा मिलेगा, जिससे अदालतों में पेंडिंग मामलों का समय पर निपटारा करने में मदद मिलेगी. लगभग 6,300 वर्गमीटर के भूखंड पर बनने वाली इस एकीकृत प्रयोगशाला का विशेष लाभ दक्षिण, दक्षिण-पूर्व और मध्य दिल्ली के जिलों को मिलेगा, जिससे राजधानी की कानून-व्यवस्था और अधिक पुख्ता होगी.

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