भारत में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन 2026 के दूसरे दिन ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनका देश अमेरिका और इजराइल...
भारत में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन 2026 के दूसरे दिन ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनका देश अमेरिका और इजराइल के किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेगा. उन्होंने तीखा आरोप लगाते हुए कहा कि पश्चिमी ताकतें और उनके सहयोगी देश ईरान की सेना का सीधे तौर पर मुकाबला करने से बच रहे हैं, और इसके बजाय आम नागरिकों के बुनियादी ढांचे, खाने-पीने की वस्तुओं और रोजगार के साधनों को निशाना बनाकर युद्ध छेड़ रहे हैं. पेजेश्कियान ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अमेरिकी नीतियों की कड़ी आलोचना की.
⚛️ 2. ईरान का परमाणु कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय नियमों के दायरे में, NPT की सदस्यता का जिक्र कर अमेरिका पर उठाए सवाल
मीडिया से बातचीत के दौरान ईरानी राष्ट्रपति ने अमेरिका द्वारा लगाए गए सभी परमाणु हथियारों के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान की सभी परमाणु गतिविधियां हमेशा से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत नियमों और 'न्यूक्लियर नॉन-प्रोलिफरेशन ट्रीटी' (NPT) के दायरे में ही संचालित की गई हैं. उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों ने लगातार ईरान की परमाणु गतिविधियों की कड़ी निगरानी की है, और इसके बावजूद अमेरिका और इजराइल केवल सैन्य कार्रवाई का बहाना ढूंढने के लिए झूठा प्रोपेगैंडा फैला रहे हैं.
🤝 3. अमेरिका के साथ सीधी बातचीत की संभावना से फिलहाल इंकार, कहा- प्रतिबंध हटाए जाएं और हमले तुरंत बंद हों
डोनाल्ड ट्रंप के साथ सीधी बातचीत के सवाल पर पेजेश्कियान ने स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच भरोसे की भारी कमी के कारण तुरंत किसी समझौते पर पहुंचना संभव नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि अतीत में हुए समझौते (MOU) से वाशिंगटन पीछे हट चुका है. ईरानी राष्ट्रपति ने मांग की है कि अमेरिका और इजराइल को देश पर सभी हमले बंद करने होंगे तथा ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों को पूरी तरह से हटाना होगा, तभी किसी रचनात्मक संवाद की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है.

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