नोएडा के सेक्टर-63 क्षेत्र स्थित डूब क्षेत्र में बिजली और पानी की बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर पिछले 13 दिनों से चल रहा धरना अब उग्र हो...
नोएडा के सेक्टर-63 क्षेत्र स्थित डूब क्षेत्र में बिजली और पानी की बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर पिछले 13 दिनों से चल रहा धरना अब उग्र होकर आमरण अनशन में बदल गया है। पर्थला गांव के पास चल रहे इस प्रदर्शन के दौरान बिजली विभाग के अधिकारियों और स्थानीय लोगों के बीच कई दौर की वार्ता हुई, लेकिन बिजली कनेक्शन को लेकर कोई ठोस सहमति नहीं बन पाई। वार्ता विफल होने के बाद भारतीय किसान परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर खलीफा ने कड़ा रुख अपनाते हुए अपना आंदोलन जारी रखा और खुद भी आमरण अनशन शुरू कर दिया, जिसमें अब 23 महिलाओं समेत कुल 31 लोग भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
🔍 2. हिंडन डूब क्षेत्र में 13 हजार से अधिक अवैध कनेक्शन मिलने पर हुई थी कार्रवाई, विद्युत निगम ने 3 जेई समेत 23 पर दर्ज की FIR
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब नोएडा के हिंडन डूब क्षेत्र में बिजली चोरी और अनधिकृत कनेक्शन के खिलाफ विद्युत निगम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छिजारसी, चोटपुर और आसपास के इलाकों में बिजली कनेक्शन काट दिए, जिससे हजारों परिवारों के सामने गहरा संकट खड़ा हो गया। विभाग की जांच में 13 हजार से अधिक अवैध कनेक्शन सामने आए थे, जिसके बाद निगम ने सख्ती दिखाते हुए 3 जेई समेत कुल 23 लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई है। इसके विरोध में स्थानीय लोगों ने 1 सितंबर को विधायक पंकज सिंह के कार्यालय का घेराव किया था और 7 सितंबर को महापंचायत कर आंदोलन को और तेज कर दिया था।
🤝 3. विभाग ने 300 से अधिक वैध कनेक्शन देने का किया दावा, लेकिन आंदोलनकारी लिखित और स्थायी समाधान पर अड़े
एक तरफ जहां विद्युत निगम का कहना है कि डूब क्षेत्र में नियमों के तहत 300 से अधिक पात्र उपभोक्ताओं को बिजली कनेक्शन दिए जा रहे हैं और अवैध चोरी के खिलाफ यह कार्रवाई जरूरी है, वहीं दूसरी तरफ प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि केवल मौखिक आश्वासनों से काम नहीं चलेगा। जब तक सभी प्रभावित परिवारों के लिए बिजली और पानी की व्यवस्था का लिखित और स्थायी समाधान नहीं हो जाता, तब तक यह आमरण अनशन और आंदोलन जारी रहेगा। अनशन के दौरान कुछ महिलाओं की तबीयत बिगड़ने से प्रशासन की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं।

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