नोएडा और गाजियाबाद के बड़े बिल्डरों के बीच क्रॉसिंग रिपब्लिक की जमीन को लेकर चल रहा आपसी विवाद अब कानूनी शिकंजे में फंस गया है. अदालत के आदे...
नोएडा और गाजियाबाद के बड़े बिल्डरों के बीच क्रॉसिंग रिपब्लिक की जमीन को लेकर चल रहा आपसी विवाद अब कानूनी शिकंजे में फंस गया है. अदालत के आदेश पर गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक थाने में नया मुकदमा दर्ज किया गया है. इस मामले में गौड़ संस के प्रबंध निदेशक (MD) मनोज गौड़, उनकी पत्नी और दोनों बेटों सहित कुल छह लोगों को नामजद किया गया है, जिन पर साजिश के तहत नियम विरुद्ध कंपनी के शेयर अपने नाम करने और कार्यालय स्थानांतरित करने के गंभीर आरोप हैं.
📋 2. फर्जी दस्तावेजों से शेयर हथियाने और कार्यालय में तोड़फोड़ करने का आरोप, एनसीएलटी में लंबित मामलों का भी जिक्र
दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, वर्ष 2006 में जीडीए से टाउनशिप का लाइसेंस मिलने के बाद कई बड़े बिल्डर्स ने मिलकर काम शुरू किया था. आरोप है कि मनोज गौड़ ने वर्ष 2022 के बाद बिना बोर्ड मीटिंग की अनुमति के सुपरटेक और महागुन जैसी कंपनियों के शेयर अपने नाम कर लिए, जबकि इस पर कानूनी वाद चल रहा था. इसके अलावा, यह भी आरोप लगाया गया है कि 18 मई को बाउंसरों के साथ कंपनी कार्यालय में तोड़फोड़ की गई, सीसीटीवी कैमरे तोड़े गए और 22 मई को बिना अनुमति के कॉर्पोरेट कार्यालय शिफ्ट कर दिया गया.
⚖️ 3. मनोज गौड़ ने आरोपों को बताया पूरी तरह तथ्यहीन, कहा- हाईकोर्ट से मिल चुका है स्टे
दूसरी ओर, गौड़ संस के एमडी मनोज गौड़ ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें तथ्यहीन करार दिया है. उनका कहना है कि मुकदमा दर्ज कराने वाला व्यक्ति कभी कंपनी का कर्मचारी नहीं रहा, बल्कि वह उन लोगों से जुड़ा है जिनके खिलाफ वे पहले से कानूनी कार्रवाई कर चुके हैं. मनोज गौड़ ने दावा किया है कि इस मामले में उन्हें सोमवार को ही हाईकोर्ट से स्टे मिल चुका है और अदालत ने आगामी 30 दिनों के लिए कार्रवाई पर रोक लगा दी है.

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