दिल्ली अर्बन आर्ट्स कमीशन (DUAC) ने राष्ट्रीय स्मृति स्थल पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का एक स्मारक बनाने के प्रस्ताव को औपचारिक रूप से...
दिल्ली अर्बन आर्ट्स कमीशन (DUAC) ने राष्ट्रीय स्मृति स्थल पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का एक स्मारक बनाने के प्रस्ताव को औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी है. कमीशन ने प्रोजेक्ट अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि स्मारक का आर्किटेक्चर, इस्तेमाल होने वाली सामग्री और लैंडस्केपिंग राजघाट पर पहले से मौजूद अन्य स्मारकों के स्वरूप और गरिमा के बिल्कुल अनुरूप हों. यह प्रस्ताव सेंट्रल पब्लिक वर्क डिपार्टमेंट (CPWD) द्वारा पेश किया गया था.
🏗️ 2. राजघाट के विजुअल और आर्किटेक्चरल स्वरूप से मेल खाना जरूरी, सफेद मार्बल या ग्रेनाइट के इस्तेमाल पर भी जोर
कमीशन की बैठक में स्मारक के डिजाइन, लैंडस्केप, मटीरियल और लोगों की पहुंच से जुड़े पहलुओं की बारीकी से जांच की गई. DUAC ने निर्देश दिया है कि प्रस्तावित समाधि का आर्किटेक्चरल डिजाइन, रंग, फर्श और बाहरी हिस्से की बनावट राष्ट्रीय स्मृति स्थल की मौजूदा समाधियों के साथ पूरी तरह मेल खानी चाहिए. एकरूपता बनाए रखने के लिए सफेद मार्बल या सफेद ग्रेनाइट के इस्तेमाल पर विचार करने और मौजूदा स्मारकों के साथ रंग-रूप का मिलान करने को कहा गया है.
🌳 3. लैंडस्केप प्लानिंग और पेड़ों के संरक्षण को दी गई प्राथमिकता, जूतों के काउंटर और बैठने के लिए बेंच की होगी व्यवस्था
प्रस्ताव के तहत साइट पर मौजूद पुराने पेड़ों को बिना नुकसान पहुंचाए उन्हें डिजाइन में शामिल करने का निर्देश दिया गया है. इसके अलावा, आगंतुकों की सुविधा के लिए जूतों को उतारने की खास जगह, उन्हें बारिश से बचाने के इंतजाम और रास्ते के दोनों तरफ बेंच लगाने के निर्देश दिए गए हैं. DUAC की यह मंजूरी मुख्य रूप से शहरी डिजाइन और सुंदरता से जुड़ी है, और अधिकारियों को लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस (L&DO) की सभी कानूनी शर्तों का पालन करना होगा.

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