दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार बहुत जल्द एक नई ड्रोन पॉलिसी लागू करने की तैयारी में है, जिससे न केवल क्षेत्र में भारी निवेश आएगा बल्कि रोजगार क...
दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार बहुत जल्द एक नई ड्रोन पॉलिसी लागू करने की तैयारी में है, जिससे न केवल क्षेत्र में भारी निवेश आएगा बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। इस पॉलिसी के ड्राफ्ट के अनुसार, राजधानी में खुले में आग जलाने, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल, यमुना किनारे कचरा फेंकने, अतिक्रमण और महिलाओं की सुरक्षा जैसे संवेदनशील मामलों की निगरानी के लिए ड्रोन का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाएगा। साथ ही, इमरजेंसी कॉल आने पर तेजी से मदद पहुंचाने में भी ये मददगार साबित होंगे।
💰 2. 85 करोड़ रुपये के बजट का प्रस्ताव, 25 से अधिक ड्रोन कंपनियां बनाने और 5000 लोगों को ट्रेनिंग देने का लक्ष्य निर्धारित
दिल्ली सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा तैयार किए गए इस ड्राफ्ट के तहत 2026-27 से 2030-31 के दौरान ड्रोन इकोसिस्टम विकसित करने के लिए लगभग 85 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रस्ताव है। इस योजना के तहत अगले पांच वर्षों में 25 से अधिक नई ड्रोन कंपनियां स्थापित करने, कम से कम 5000 युवाओं को पेशेवर ट्रेनिंग देने और 1000 से ज्यादा प्रत्यक्ष नौकरियां पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से 100 करोड़ से अधिक का निवेश और 250 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त होगा।
🎓 3. ट्रेनिंग फीस पर 50% तक की छूट और रिसर्च के लिए 20 लाख तक की ग्रांट, सितंबर अंत तक जनता के सामने आएगी पॉलिसी
ड्रोन पॉलिसी के तहत हर ट्रेनी को ट्रेनिंग फीस में 50 प्रतिशत तक की आर्थिक सहायता (अधिकतम 5,000 रुपये तक) और सरकारी संस्थानों में प्रशिक्षण लेने वालों को स्टाइपेंड दिए जाने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा रिसर्च एंड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स और 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के लिए 20 लाख रुपये तक की ग्रांट दी जाएगी। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री पंकज सिंह के मुताबिक, कैबिनेट की मंजूरी के बाद इस महीने के अंत तक इस पॉलिसी को जनता की राय जानने के लिए सार्वजनिक कर दिया जाएगा।

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