अपराधी मामलों की वैज्ञानिक जांच में लगने वाले लंबे समय को कम करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए दिल्ली सरकार ने शेख सराय में एक अत्याधुनिक ...
अपराधी मामलों की वैज्ञानिक जांच में लगने वाले लंबे समय को कम करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए दिल्ली सरकार ने शेख सराय में एक अत्याधुनिक फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) बनाने का निर्णय लिया है. वर्तमान में रोहिणी स्थित एकमात्र एफएसएल पर भारी दबाव है, जहां प्रति माह करीब दो हजार मामले पहुंचते हैं और 20,000 से अधिक रिपोर्ट लंबित हैं, जिनमें सबसे अधिक मामले साइबर अपराध से जुड़े हैं.
💰 2. 151.81 करोड़ रुपये के बजट को मिली मंजूरी, मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को दो साल में पूरा करने का दिया लक्ष्य
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई व्यय वित्त समिति (ईएफसी) की बैठक में इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण और 151.81 करोड़ रुपये के बजट को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है. मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को सख्त निर्देश दिए हैं कि इस परियोजना का निर्माण कार्य दो वर्ष के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए. यह नई क्षेत्रीय एफएसएल लगभग 6,300 वर्गमीटर के प्लॉट पर बनाई जाएगी, जिसका कुल निर्मित क्षेत्र 18,300 वर्गमीटर होगा.
🚀 3. दक्षिण, दक्षिण-पूर्व और मध्य दिल्ली के जिलों को मिलेगा सीधा लाभ, नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन में मिलेगी मदद
गृह मंत्री आशीष सूद ने बताया कि इस नई प्रयोगशाला के शुरू होने से साक्ष्यों की जांच और रिपोर्ट सौंपने की प्रक्रिया बेहद तेज हो जाएगी, जिससे अदालतों में मुकदमों के निस्तारण में तेजी आएगी. इससे विशेष तौर पर दक्षिण, दक्षिण-पूर्व और मध्य दिल्ली के जिलों को सीधा लाभ मिलेगा. इस अत्याधुनिक सुविधा से लंबित मामलों का बोझ घटेगा, साइबर और डिजिटल साक्ष्यों की जांच तेजी से हो सकेगी और अपराधियों के खिलाफ मजबूत कानूनी शिकंजा कसा जा सकेगा.

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