दिल्ली सरकार ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'दिल्ली सोलर एनर्जी पॉलिसी-2023' का नया संशोधित वर्जन जारी किया है। इस नीति ...
दिल्ली सरकार ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'दिल्ली सोलर एनर्जी पॉलिसी-2023' का नया संशोधित वर्जन जारी किया है। इस नीति के तहत वित्त वर्ष 2025-26 में औसतन 400 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं की छतों पर 3 किलोवाट तक का रूफटॉप सोलर सिस्टम बिना किसी शुरुआती खर्च (अग्रिम लागत) के लगाया जाएगा। इसके अलावा, 200 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले लोग सोलर सिस्टम लगने के बाद भी पुरानी सब्सिडी का लाभ उठाते रहेंगे और बचाई गई बिजली पर उन्हें एनर्जी-सेविंग इंसेंटिव (बोनस) भी मिलेगा।
💰 2. केंद्र और राज्य सरकार मिलकर देंगी भारी सब्सिडी, पहले 5 साल तक मुफ्त रखरखाव और 25 दिन में नेट मीटरिंग
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि केंद्र सरकार की 78,000 रुपये की सब्सिडी के साथ-साथ दिल्ली सरकार भी 78,000 रुपये की पूंजीगत सब्सिडी देगी, जिससे उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। वेंडर द्वारा पहले 5 साल तक सोलर सिस्टम का मुफ्त संचालन और रखरखाव किया जाएगा। साथ ही, उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत देते हुए नेट मीटरिंग की प्रक्रिया को 75 दिन से घटाकर मात्र 25 दिन कर दिया गया है और 10 किलोवाट तक के आवासीय सोलर सिस्टम के लिए पंजीकरण शुल्क भी पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।
🎯 3. मार्च 2027 तक 2.30 लाख घरों की छतों पर सोलर लगाने का लक्ष्य, ऊर्जा मंत्री ने की योजना की सराहना
ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' को और अधिक मजबूत करेगा। दिल्ली सरकार का लक्ष्य मार्च 2027 तक 2 लाख 30 हजार घरों की छतों पर सोलर सिस्टम स्थापित करना और 500 मेगावाट अतिरिक्त रूफटॉप सोलर क्षमता जोड़ना है। इस ऐतिहासिक निर्णय से दिल्ली के घर न केवल बिजली के उपभोक्ता बनेंगे, बल्कि ऊर्जा उत्पादन में भी आत्मनिर्भर भागीदार बनकर उभरेंगे।

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