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Delhi Building & Hotel Tragedies: सत्य निकेतन पीजी हादसे और मालवीय नगर आगजनी पर उठे सवाल, नियमों की अनदेखी से जा रही जान

राजधानी दिल्ली में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते बड़े हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। महज चार महीने के भीतर हुई दो बड़ी घटनाओं ने पूरे...

राजधानी दिल्ली में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते बड़े हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। महज चार महीने के भीतर हुई दो बड़ी घटनाओं ने पूरे तंत्र को झकझोर कर रख दिया है। सत्य निकेतन में रविवार को पांच मंजिला पीजी इमारत ढहने से जहां 6 लोगों की मौत हो गई, वहीं 3 जून को मालवीय नगर के एक होटल में लगी भीषण आग में 23 लोगों की जान चली गई थी। इन घटनाओं से यह साफ जाहिर होता है कि हादसों से पहले नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रशासनिक निगरानी और जवाबदेही पूरी तरह भगवान भरोसे चल रही है।

⚖️ 2. मालवीय नगर होटल अग्निकांड मामले में कोर्ट ने लिया चार्जशीट का संज्ञान, 17 सितंबर को तय होंगे आरोप

मालवीय नगर में हुए दर्दनाक होटल अग्निकांड मामले में पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए 1,500 पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की है, जिसमें 130 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज हैं। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट भानु प्रताप की अदालत ने होटल के मालिक लवकेश बजाज, मैनेजर जय मिश्रा और रसोइया केशव नेगी के खिलाफ दाखिल चार्जशीट का संज्ञान ले लिया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी 'बेड-एंड-ब्रेकफास्ट' (B&B) नियमों के तहत केवल 6 कमरे रखने की अनुमति होने के बावजूद अवैध रूप से 26 कमरों का होटल चला रहे थे। इस मामले में अब 17 सितंबर को आरोप तय करने के लिए सुनवाई होगी।

🏢 3. सत्य निकेतन हादसे के बाद भी अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों पर उठ रहे बड़े सवाल, स्थानीय लोगों ने जताई नाराजगी

सत्य निकेतन के बहुचर्चित पीजी हादसे के बाद एक बार फिर अवैध निर्माण और क्षेत्र में चल रहे अनधिकृत हॉस्टलों का मुद्दा गरमा गया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, मात्र 55 वर्ग गज में बनी इस पुरानी इमारत पर यूनिवर्सिटी के छात्रों की भारी मांग के चलते कुछ साल पहले अवैध रूप से दो अतिरिक्त मंजिलें और जोड़ दी गई थीं। हालांकि पुलिस इस हादसे की गहराई से जांच कर रही है, लेकिन बार-बार सामने आ रही ऐसी त्रासदियां यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि बिना अनुमति और सुरक्षा इंतजामों के चल रही इन इमारतों पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की जाती।







 

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