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Chamber of Trade and Industry CTI: चांदनी चौक और कनॉट प्लेस आएंगे विदेशी मेहमान, व्यापारियों ने सीखी अंग्रेजी और विदेशी भाषाएं

दिल्ली के भारत मंडपम में 12 और 13 सितंबर को 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है, जिसमें करीब 30 सदस्य और पार्टनर देशों के नेता ...

दिल्ली के भारत मंडपम में 12 और 13 सितंबर को 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है, जिसमें करीब 30 सदस्य और पार्टनर देशों के नेता तथा अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख शामिल होंगे. इस महासम्मेलन के स्वागत की जोरदार तैयारियां चल रही हैं. व्यापारियों और उद्यमियों के शीर्ष संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने बताया कि दिल्ली के बाजारों और दुकानदारों में ब्रिक्स समिट को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है. विदेशी मेहमान 11 सितंबर से ही आने शुरू हो जाएंगे और समय मिलने पर उनके चांदनी चौक व कनॉट प्लेस जैसे मशहूर बाजारों का दौरा करने की उम्मीद है.

🗣️ 2. विदेशी मेहमानों से संवाद के लिए अंग्रेजी और चीनी भाषा सीख रहे हैं दिल्ली के व्यापारी, CTI ने हायर किए 50 सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स

विदेशी मेहमानों के साथ संवाद में कोई परेशानी न हो, इसके लिए चांदनी चौक और अन्य बाजारों के व्यापारियों ने अनोखी तैयारी की है. कई दुकानदारों ने अपने बच्चों को दुकान पर संभालने के लिए लगाया है जो अंग्रेजी और जर्मन जैसी भाषाएं जानते हैं, जबकि फूड व्यापारियों ने अपने स्टाफ को अंग्रेजी की ट्रेनिंग दिलवाई है. इसके अलावा, CTI ने प्रियंका सक्सेना, लिशा गोयल और श्रुति उपाध्याय समेत 50 सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स को भी हायर किया है जो विदेशी भाषाओं की जानकार हैं और मेहमानों को खरीदारी में मदद करेंगी.

🍲 3. CTI ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर को लिखा पत्र, चांदनी चौक के मशहूर जलेबी वाले ने विदेशी मेहमानों के लिए तैयार किया खास जलेबा

CTI ने केंद्रीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि वे विदेशी मेहमानों को चांदनी चौक और कनॉट प्लेस के ऐतिहासिक बाजारों का दौरा कराएं, जिसके लिए CTI की तरफ से पुख्ता प्रबंध किए जाएंगे. दूसरी ओर, चांदनी चौक के मशहूर जलेबी वाले रमाकांत शर्मा ने मेहमानों के लिए विशेष जलेबा-रबड़ी तैयार किया है और उनकी इच्छा है कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी उनकी दुकान पर आकर इसका स्वाद लें. इस आयोजन से दिल्ली की संस्कृति, खान-पान और अतिथि सत्कार को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान मिलने की उम्मीद है.







 

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