अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में पुलिस ने अपनी विस्तृत जांच पूरी करते हुए अदालत में करीब 77 हजार पन्नों की भारी-भरकम चा...
अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में पुलिस ने अपनी विस्तृत जांच पूरी करते हुए अदालत में करीब 77 हजार पन्नों की भारी-भरकम चार्जशीट दाखिल कर दी है. तय 90 दिन की समयसीमा पूरी होने के साथ ही पुलिस चार बड़े बक्सों में इस चार्जशीट को लेकर एंटी करप्शन कोर्ट पहुंची. इस बहुचर्चित मामले में जांच के बाद कुल आठ आरोपियों को नामजद किया गया है, जबकि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों और बैंक की भूमिका की भी गहन जांच की गई है.
🎥 2. सीसीटीवी फुटेज में सामने आईं चोरी की 105 घटनाएं, मुख्य साजिशकर्ता अनुकल्प मिश्रा समेत इन लोगों पर शिकंजा
पुलिस जांच के दौरान मंदिर परिसर में चोरी से जुड़ी 105 घटनाएं सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट रूप से सामने आईं. इसके अलावा 173 गवाहों के बयान और आरोपियों के बीच हुए करीब 3,300 टेक्स्ट मैसेज को भी चार्जशीट का हिस्सा बनाया गया है. मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर अनुकल्प मिश्रा का नाम सामने आया है, जिसके घर से 16.82 लाख रुपये बरामद हुए. इसके अलावा रामशंकर यादव, लवकुश मिश्रा, रमाशंकर मिश्रा, मनीष यादव, अविनाश गुप्ता, कृष्णेश पांडेय और सुभाष श्रीवास्तव को भी चार्जशीट में आरोपी बनाया गया है.
🏛️ 3. चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव बने सरकारी गवाह, मंदिर से आभूषण चोरी की बात खारिज
इस चार्जशीट का सबसे अहम पहलू यह है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और मंदिर के व्यवस्था प्रमुख रहे गोपाल राव को आरोपी बनाने के बजाय सरकारी गवाह बनाया गया है. पुलिस ने स्पष्ट किया कि इनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले. साथ ही, जांच में मंदिर से कीमती आभूषण चोरी होने की चर्चाओं को पूरी तरह खारिज कर दिया गया है. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आपराधिक न्यासभंग, साजिश और धोखाधड़ी से संबंधित गंभीर धाराओं में आरोप पत्र दाखिल किया है.

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