उत्तर प्रदेश में साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियां जमीन पर उतारनी शुरू कर दी हैं। सितंबर की...
उत्तर प्रदेश में साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियां जमीन पर उतारनी शुरू कर दी हैं। सितंबर की शुरुआत के साथ ही पार्टी ने चुनावी रणनीति पर मंथन तेज कर दिया है। हाल ही में दो दिवसीय लखनऊ दौरे पर पहुंचे यूपी प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने संगठन और सरकार के साथ अहम बैठकें कीं और पार्टी नेताओं को साफ शब्दों में निर्देश दिया कि अब चुनाव तक वे अपने-अपने क्षेत्रों में ही सक्रिय रहें।
📊 2. कागजी नहीं बल्कि जमीन की असली और ईमानदार रिपोर्ट देने का आदेश, कमजोर दावेदारों को लेकर पार्टी सख्त
विनोद तावड़े ने प्रदेश और क्षेत्रीय पदाधिकारियों के साथ हुई बैठकों में स्पष्ट किया कि पार्टी को इस बार किसी तरह की मिलावटी या कागजी रिपोर्ट नहीं चाहिए। नेताओं से कहा गया है कि यदि क्षेत्र में स्थिति कमजोर है या जनता में नाराजगी है, तो उसकी भी सटीक जानकारी दी जाए। साथ ही यह भी चेतावनी दी गई है कि दबाव या सिफारिश के आधार पर किसी कमजोर दावेदार का नाम आगे न बढ़ाया जाए, क्योंकि 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद पार्टी 2027 के रण में कोई रिस्क लेने के मूड में नहीं है।
✈️ 3. सितंबर में बीएल संतोष, अमित शाह और पीएम मोदी के प्रस्तावित दौरे, सरकार और संगठन के बीच समन्वय पर जोर
विनोद तावड़े के दौरे के बाद अब सितंबर महीने में बीजेपी के कई शीर्ष केंद्रीय नेताओं के यूपी दौरे तय हैं। बीएल संतोष 10 और 11 सितंबर को लखनऊ पहुंचेंगे, जिसके बाद नितिन नबीन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भी दौरे प्रस्तावित हैं। इसके अलावा नवरात्रि और दीपावली के आसपास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कई बड़े कार्यक्रम भी तय माने जा रहे हैं, जिसके जरिए बीजेपी संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बिठाते हुए चुनावी तैयारियों को धार दे रही है।

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