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32 Years Fugitive Arrested in Delhi: फर्जी पहचान बदलकर फैक्ट्री में कर रहा था काम, मंगोलपुरी से पकड़ा गया खूंखार अपराधी

दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक सनसनीखेज और दशकों पुराने डबल मर्डर व डकैती के मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए 32 साल से फरा...

दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक सनसनीखेज और दशकों पुराने डबल मर्डर व डकैती के मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए 32 साल से फरार चल रहे एक आरोपी को दबोच लिया है. पुलिस ने शुक्रवार को खुलासा किया कि साल 1994 में पूर्वी दिल्ली के एक आध्यात्मिक आश्रम में लूटपाट के दौरान दो साध्वियों की गला घोंटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. इस गंभीर वारदात को अंजाम देने के बाद से लगातार फरार चल रहे मुख्य आरोपी को पुलिस ने अब गिरफ्तार कर लिया है, जो अपनी पहचान बदलकर कानून की आंखों में धूल झोंक रहा था.

🏭 2. फर्जी पहचान के साथ मंगोलपुरी की फैक्ट्री में मजदूरी कर रहा था आरोपी ललित, दस्तावेज से हुआ खुलासा

पुलिस जांच में सामने आया कि 48 वर्षीय आरोपी ललित मंगोलपुरी फेज-दो स्थित एक फैक्ट्री में छिपकर पैकेजिंग मजदूर के रूप में काम कर रहा था. वह अपनी असली पहचान छिपाकर सामान्य जिंदगी जी रहा था, लेकिन पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उसकी पहचान पुख्ता की और उसे धर दबोचा. गिरफ्तारी के बाद उसे शकरपुर थाने के सुपुर्द कर दिया गया, जहां इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

⚖️ 3. साल 1995 में अदालत ने घोषित किया था भगोड़ा, बिहार में छिपने के बाद वापस दिल्ली लौटकर काट रहा था फरारी

पुलिस के अनुसार, यह वारदात शकरपुर थाना क्षेत्र की है जहां लूटपाट के बाद आरोपियों ने दोनों साध्वियों की हत्या कर दी थी और आश्रम से नकदी व आभूषण लूट लिए थे. इस मामले में तीन सह-आरोपियों—सुनील कुमार, दिलीप राम और सुशील—को पहले ही दबोच लिया गया था, जबकि ललित फरार हो गया था. अदालत ने 26 अक्टूबर 1995 को उसे आधिकारिक रूप से भगोड़ा घोषित किया था. वारदात के बाद वह कुछ साल बिहार में छिपा रहा और बाद में दिल्ली लौटकर अलग-अलग फैक्ट्रियों में काम करने लगा था.







 

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