नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सह-संयोजक एवं प्रवक्ता सौरभ दास ने अपने आवासीय पते और निजी जानकारियों को सोशल मीडिया पर सार्वजनि...
नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सह-संयोजक एवं प्रवक्ता सौरभ दास ने अपने आवासीय पते और निजी जानकारियों को सोशल मीडिया पर सार्वजनिक किए जाने से नाराज होकर दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
दास ने सोशल मीडिया टिप्पणीकार अभिजीत अय्यर मित्रा, द पैम्फलेट, लॉ बीट, द जयपुर डायलॉग्स और द संडे गार्जियन जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स तथा सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ मुकदमा दायर किया है।
⚖️ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से वीडियो हटाने और कंटेंट ब्लॉक करने की मांग
याचिका में अदालत के सामने रखे गए मुख्य बिंदु:
स्थायी रोक की मांग: सौरभ दास ने मांग की है कि अभिजीत अय्यर मित्रा और अन्य मीडिया संस्थानों को आगे उनका आवासीय पता या निजी विवरण प्रकाशित करने से स्थायी रूप से रोका जाए।
कंटेंट हटाने का निर्देश:
याचिका में एक्स और गूगल को निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि वे उन सभी वीडियो, पोस्ट और सामग्री को प्लेटफॉर्म से हटाएं या ब्लॉक करें जिनमें उनका पता सार्वजनिक किया गया है। 21 लाख से अधिक व्यूज:
दास के अनुसार, उनके आवास का पता लीक करने वाले वीडियो को सोशल मीडिया पर लाखों बार (2.1 मिलियन से ज्यादा) देखा जा चुका है।
🏠 "ग्रेटर कैलाश में किराए के कमरे में रहता हूं": बिना अनुमति घर में दाखिल होने का आरोप
घर की स्थिति और घटनाक्रम:
"सौरभ दास ने याचिका में स्पष्ट किया है कि वह ग्रेटर कैलाश-I स्थित एक परिसर के भूतल पर वर्ष 2025 की शुरुआत से किराए का कमरा लेकर रह रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के प्रतिनिधि अनधिकृत रूप से उनके साझा आवासीय परिसर में दाखिल हो गए और अंदरूनी हिस्से की रिकॉर्डिंग करके उसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जिससे वहां रहने वाले अन्य लोगों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।"
🛡️ सुरक्षा और परिवार की प्राइवेसी को लेकर चिंता: पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां
सुरक्षा जोखिम और गंभीर दावे:
किराए को लेकर गलत दावे: दास का आरोप है कि लॉ बीट के एक कार्यक्रम में अभिजीत अय्यर मित्रा ने उनके पते का खुलासा किया और गलत दावा किया कि मकान का किराया ₹7 लाख प्रति माह है।
सुरक्षा पर खतरा:
याचिका में कहा गया है कि पत्रकारिता, जनहित के खुलासों और राजनीतिक गतिविधियों के कारण सौरभ दास को अतीत में भी हिंसक धमकियां मिलती रही हैं। परिवार की सुरक्षा:
उनका कहना है कि इस तरह घर के सटीक पते का बार-बार प्रचार करने से उनके, उनके परिवार और मकान में रहने वाले अन्य किराएदारों के लिए गंभीर सुरक्षा जोखिम पैदा हो गया है।

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