गाजियाबाद: गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) राजनगर एक्सटेंशन में एक विश्वस्तरीय एयरोसिटी कमर्शियल टाउनशिप विकसित करने जा रहा है। इसके लिए प...
गाजियाबाद: गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) राजनगर एक्सटेंशन में एक विश्वस्तरीय एयरोसिटी कमर्शियल टाउनशिप विकसित करने जा रहा है। इसके लिए प्राधिकरण जल्द ही किसानों से जमीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू करेगा।
शुक्रवार को आयोजित जीडीए बोर्ड बैठक में जमीन खरीद के प्रशासनिक स्वीकृति प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई। प्राधिकरण तीन अलग-अलग विकल्पों के जरिए जमीन का अधिग्रहण करेगा, जिसमें लैंड पूलिंग (Land Pooling) नीति को पहली प्राथमिकता दी जाएगी।
📍 तीन गांवों की 219.61 हेक्टेयर जमीन पर बनेगी टाउनशिप: किसानों से ली जाएगी 193 हेक्टेयर भूमि
परियोजना का दायरा और भूमि विवरण:
चिह्नित गांव: एयरोसिटी टाउनशिप मुख्य रूप से तीन गांवों—अटौर, मोरटी और मेवला अगरी की जमीन पर विकसित की जाएगी।
कुल क्षेत्रफल: यह पूरी योजना करीब 219.6131 हेक्टेयर जमीन पर फैलेगी।
अधिग्रहण का लक्ष्य: इसमें से प्राधिकरण को करीब 193.1256 हेक्टेयर जमीन किसानों से आपसी सहमति या लैंड पूलिंग के जरिए प्राप्त करनी है।
💵 2831 करोड़ रुपये खर्च करेगा GDA: जानिए किस गांव की जमीन की क्या तय हुई कीमत
गांववार तय की गई दरें और बजट:
"जीडीए ने जमीन खरीद के लिए सर्किल रेट का 4 गुना मुआवजा देने की दरें तय की हैं। अटौर गांव में सर्किल रेट 3,630 रुपये है, जिसे 14,520 रुपये प्रति वर्ग मीटर से लिया जाएगा। मोरटी गांव की जमीन 17,400 रुपये प्रति वर्ग मीटर और मेवला अगरी की जमीन 3,200 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से खरीदी जाएगी। पूरे प्रोजेक्ट की जमीन पर प्राधिकरण कुल 2831 करोड़ रुपये खर्च करेगा।"
🏏 इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के पास बनेगा कमर्शियल हब: होटल, मॉल और गोल्फ कोर्स के कटेंगे प्लॉट
एयरोसिटी की खासियतें और सुविधाएं:
प्रस्तावित लोकेशन: यह टाउनशिप राजनगर एक्सटेंशन स्थित प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के ठीक पास बसाई जाएगी।
कमर्शियल एक्टिविटीज: यहां बहुराष्ट्रीय कंपनियों के ऑफिस, 5-स्टार होटल, रेस्तरां, शॉपिंग मॉल, कॉलेज, स्पोर्ट्स क्लब, स्पोर्ट्स एकेडमी, गोल्फ कोर्स, दुकानें और शोरूम के लिए व्यावसायिक प्लॉट काटे जाएंगे।
निवेश को बढ़ावा: इस टाउनशिप के बनने से गाजियाबाद में बड़े पैमाने पर रोजगार और व्यापारिक निवेश के रास्ते खुलेंगे।
🤝 लैंड पूलिंग को मिलेगी प्राथमिकता: किसानों को मिलेगा 25 फीसदी विकसित भूखंड
भूमि अधिग्रहण की नीति और विकल्प:
पहला विकल्प (लैंड पूलिंग): जीडीए किसानों से संपर्क कर उनकी सहमति से लैंड पूलिंग के तहत जमीन लेगा। इसमें प्राधिकरण को शुरुआत में भारी बजट खर्च नहीं करना पड़ेगा।
25% विकसित जमीन: इस योजना में जमीन देने वाले किसानों को कुल अधिग्रहीत भूमि का 25 फीसदी हिस्सा विकसित प्लॉट के रूप में वापस मिलेगा।
दूसरा विकल्प (आपसी सहमति): यदि किसान लैंड पूलिंग के लिए सहमत नहीं होते हैं, तो उनसे आपसी बातचीत के जरिए निर्धारित दरों पर सीधे जमीन खरीदी जाएगी।

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