नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस नेता और सांसद राहुल गांधी की मांग स्वीकार कर ली है और पेलेट गन के मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर रही...
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस नेता और सांसद राहुल गांधी की मांग स्वीकार कर ली है और पेलेट गन के मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर रही है।
घटना के पूरे 31 दिन बीत जाने के बाद पुलिस द्वारा यह कार्रवाई की जा रही है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए संसद मार्ग थाने में ही धरने पर बैठ गए थे, जिसके बाद पुलिस बैकफुट पर आई।
⚠️ "6 महीने भी बैठना पड़े तो बैठूंगा": राहुल गांधी ने पुलिस को दी थी कड़ी चेतावनी
घटनाक्रम और तीखी बहस:
पुलिस अधिकारियों पर FIR की मांग: कांग्रेस नेताओं ने घटना में शामिल पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और एफआईआर की मांग की, जिसे पार्टी ने पुलिसिया क्रूरता करार दिया था।
थाने में बहस: शुरुआती स्तर पर जब पुलिस ने शिकायत दर्ज करने से इनकार किया, तो कांग्रेस नेताओं और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी बहस देखने को मिली।
राहुल गांधी की चेतावनी: राहुल गांधी ने पुलिस प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा था, "अगर आप एफआईआर दर्ज नहीं करेंगे, तो मैं 30 दिन या छह महीने तक भी पुलिस स्टेशन के बाहर धरने पर बैठने के लिए तैयार हूं।"
📄 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू: BNS धाराओं पर सस्पेंस
पुलिस कार्रवाई की ताजा स्थिति:
"संसद मार्ग थाने में राहुल गांधी की कानूनी टीम द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कागजी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कौन-कौन सी धाराएं लगाई जाएंगी, इसका पूरा खुलासा एफआईआर की कॉपी सामने आने के बाद ही हो सकेगा।"
🚗 काफिले की गाड़ियां बाहर निकाली गईं: थाने के आसपास सुरक्षा कड़ी
मौके के हालात:
गाड़ियां हटाई गईं: एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू होते ही राहुल गांधी के काफिले में शामिल गाड़ियों को थाना परिसर से बाहर निकाला गया।
अपडेट जारी: संसद मार्ग पुलिस स्टेशन और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था को अलर्ट पर रखा गया है। मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी और एफआईआर की धाराओं का विवरण आने पर खबर को आगे अपडेट किया जाएगा।

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