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Ghaziabad Development News: अर्बन चैलेंज फंड से घंटाघर-भाटिया मोड़ एलिवेटेड रोड को हरी झंडी, जानें कैसे मिलेगा बजट

गाजियाबाद: गाजियाबाद में जीटी रोड पर रोजाना लगने वाले भीषण जाम से शहरवासियों को जल्द ही मुक्ति मिलने जा रही है। घंटाघर से भाटिया मोड़ के बी...

गाजियाबाद: गाजियाबाद में जीटी रोड पर रोजाना लगने वाले भीषण जाम से शहरवासियों को जल्द ही मुक्ति मिलने जा रही है। घंटाघर से भाटिया मोड़ के बीच 2 किलोमीटर लंबी चार-लेन (4-Lane) एलिवेटेड रोड के निर्माण के लिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) बोर्ड ने प्रशासनिक और वित्तीय सहमति के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है।

प्रस्ताव मंजूर होने के बाद अब जीडीए द्वारा लोन लेने की कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया तेजी से शुरू की जाएगी, ताकि निर्माण कार्य जल्द से जल्द धरातल पर उतारा जा सके।

💰 200.23 करोड़ रुपये आएगी कुल लागत: 100 करोड़ रुपये का कर्ज लेगा जीडीए

परियोजना का बजट और वित्तीय ढांचा:

  • कुल अनुमानित लागत: इस महत्वाकांक्षी एलिवेटेड प्रोजेक्ट के निर्माण पर 200.23 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।

  • 50% लोन का प्रावधान: अर्बन चैलेंज फंड योजना के मानकों के अनुसार प्रोजेक्ट की 50 फीसदी राशि यानी 100 करोड़ रुपये का लोन जीडीए बैंक/वित्तीय संस्थानों से लेगा।

  • 25% जीडीए फंड: कुल लागत का 25 प्रतिशत हिस्सा (50.23 करोड़ रुपये) जीडीए अपने 'नगरीय अवस्थापना निधि' से खर्च करेगा।

  • 25% केंद्र सरकार का अंशदान: शेष 25 फीसदी राशि अर्बन चैलेंज फंड के जरिए केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी।

🚦 घनी आबादी और बाजारों को मिलेगा बड़ा फायदा: सिग्नल-मुक्त बनेगा सबसे व्यस्त इलाका

परियोजना की आवश्यकता और महत्व:

"गाजियाबाद के बीचों-बीच गुजरने वाले जीटी रोड के किनारे सघन कॉलोनियां और बड़े व्यावसायिक बाजार स्थित हैं। शहर के स्थानीय वाहनों के अलावा दिल्ली, बुलंदशहर और अलीगढ़ से आने-जाने वाला भारी ट्रैफिक इसी मार्ग से होकर गुजरता है। इस वजह से घंटाघर से भाटिया मोड़ के बीच दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है, जिसे देखते हुए इस वैकल्पिक मार्ग की लंबे समय से मांग की जा रही थी।"

🚗 लाखों वाहन चालकों को मिलेगी ट्रैफिक से राहत: अलीगढ़ और बुलंदशहर का सफर होगा आसान

एलिवेटेड रोड बनने के प्रमुख लाभ:

  • सिग्नल-फ्री आवाजाही: एलिवेटेड रोड तैयार होने के बाद शहर का सबसे व्यस्त और सघन इलाका पूरी तरह सिग्नल-मुक्त (Signal-Free) हो जाएगा।

  • बायपास कनेक्टिविटी: दिल्ली, बुलंदशहर और अलीगढ़ की दिशा में आने-जाने वाले भारी और हल्के वाहनों को एक तेज और वैकल्पिक फ्लाईओवर मिल जाएगा।

  • प्रदूषण और समय की बचत: जीटी रोड से रोज गुजरने वाले लाखों वाहन चालकों के समय और ईंधन की बचत होगी, साथ ही स्थानीय बाजारों में पार्किंग और पैदल यात्रियों की आवाजाही भी सुगम हो सकेगी।







 

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