गाजियाबाद शहर में लगातार बढ़ते प्रदूषण और बाजार में मिलने वाली रासायनिक सब्जियों की गुणवत्ता को लेकर लोगों की चिंता को दूर करने के लिए एक बे...
गाजियाबाद शहर में लगातार बढ़ते प्रदूषण और बाजार में मिलने वाली रासायनिक सब्जियों की गुणवत्ता को लेकर लोगों की चिंता को दूर करने के लिए एक बेहतरीन पहल की गई है। अब शहर के 400 घरों की छतों पर किचन गार्डन विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। उद्यान विभाग की इस योजना के तहत चयनित परिवारों को घर की छत पर ही अपनी जरूरत के अनुसार जैविक फल और हरी सब्जियां उगाने का सुनहरा अवसर मिलेगा।
📐 2. किचन गार्डन के लिए कम से कम 100 वर्ग फीट की छत होना अनिवार्य, विभाग देगा मुफ्त सामग्री
इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक के पास कम से कम 100 वर्ग फीट या उससे अधिक क्षेत्रफल वाली खुली छत होनी चाहिए। छत की उपलब्धता के आधार पर वहां ग्रीन स्पेस तैयार किया जाएगा। इसके लिए नागरिकों को अपनी जेब से ज्यादा पैसे खर्च करने की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि उद्यान विभाग द्वारा बीज, जैविक खाद और अन्य जरूरी सामग्री पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी ताकि लोग आसानी से हरियाली को बढ़ावा दे सकें।
🍅 3. टमाटर, मिर्च और धनिया से लेकर मौसमी फल तक, छतों पर सजेगी हरी-भरी छोटी बगिया
किचन गार्डन बनने के बाद घरों की छतों का इस्तेमाल केवल कपड़े सुखाने या कबाड़ रखने तक सीमित नहीं रहेगा। लोग मौसम के अनुकूल टमाटर, मिर्च, धनिया, पालक, लौकी और भिंडी जैसी रोजाना काम आने वाली ताजी सब्जियां आसानी से उगा सकेंगे। इसके साथ ही उचित स्थान मिलने पर छोटे फलदार पौधे भी लगाए जा सकेंगे, जिससे न केवल घर का वातावरण शुद्ध होगा बल्कि परिवार के सदस्यों को सेहतमंद ऑर्गेनिक खानपान भी मिलेगा।
💻 4. ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन: dbt.uphorticulture.in पोर्टल पर करना होगा रजिस्ट्रेशन
जिला उद्यान अधिकारी अनीता सिंह ने जानकारी दी है कि इच्छुक नागरिक विभाग के आधिकारिक पोर्टल dbt.uphorticulture.in या up-dbt.uphorticulture.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद दस्तावेजों की हार्ड कॉपी जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय में जमा कराना अनिवार्य होगा। आवेदन के लिए पासपोर्ट साइज फोटो, पहचान पत्र और मोबाइल नंबर जैसे जरूरी दस्तावेजों की आवश्यकता होगी।

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