बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में जेन-जी (Gen-Z) पर खुलकर बोले। उनसे जब पूछा गया कि देश का जेन-जी खुद को कॉकर...
बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में जेन-जी (Gen-Z) पर खुलकर बोले। उनसे जब पूछा गया कि देश का जेन-जी खुद को कॉकरोच की संज्ञा दे रहा है, इस पर आपका क्या कहना है? इसके जवाब में शास्त्री ने कहा कि ये तो वही बता सकते हैं। भारत के संविधान की यही अद्भुत स्वतंत्रता है कि आप कुछ भी कह सकते हो और कुछ भी बन सकते हो। हम तो इस देश के जेन-जी को विवेकानंद बनाना चाहते हैं, अल्बर्ट आइंस्टीन और अब्दुल कलाम जैसा देखना चाहते हैं और देश की बेटियों को रानी लक्ष्मीबाई जैसा देखना चाहते हैं।
🧠 2. एंग्जाइटी और ओवरथिंकिंग पर बोले शास्त्री, बताया ब्रेन के एल्गोरिदम को शांत करने का तरीका
कार्यक्रम में मौजूद युवाओं ने भी धीरेंद्र शास्त्री से कई सवाल पूछे। एक युवती ने पूछा कि आजकल के जेन-जी में एंजायटी और ओवरथिंकिंग की बहुत ज्यादा समस्या है, इसे कैसे कम किया जा सकता है? इसका जवाब देते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हमको ब्रेन के एल्गोरिदम को समझना होगा। हमारे ब्रेन का एल्गोरिदम एक जैसा चलेगा तो रिपीट टू रिपीट थॉट्स प्रोसेस चलती रहेगी। उन्होंने कहा कि जैसे ठंडे पानी को गर्म करने के लिए चूल्हे की जरूरत होती है पर ठंडा करने के लिए चूल्हा बंद करना पड़ता है, वैसे ही ओवरवर्क को कम करके और नो माइंड मेडिटेशन से एंग्जाइटी से बचा जा सकता है।
📱 3. इंस्टाग्राम और सोशल मीडिया की लत पर दिया मजेदार जवाब, बोले- 'मोबाइल फोड़ दो'
प्रियंका नाम की एक छात्रा ने पूछा कि आज की जेनेरेशन इंस्टाग्राम की तरफ बहुत खींची जा रही है, इससे कैसे दूर जाया जाए? इस पर शास्त्री ने हंसते हुए कहा कि मोबाइल फोड़ दो। उन्होंने समझाया कि यह पूरी तरह भावनाओं पर कंट्रोल करने का खेल है। आपको यह समझना होगा कि आप मन के गुलाम हैं या मन आपका गुलाम है। हमारे पास भी मोबाइल और इंस्टाग्राम है, लेकिन वो हमें कंट्रोल नहीं करता। यदि आपकी भावनाएं आपके कंट्रोल में होंगी तो दुनिया का कोई भी प्लेटफॉर्म आपको प्रभावित नहीं कर पाएगा।
🕉️ 4. शिव-शक्ति के क्रम और विरोध प्रदर्शनों पर रखी बेबाक राय
एक छात्रा के सवाल कि 'शिव-शक्ति में शिव आगे और शक्ति पीछे क्यों है?' के जवाब में शास्त्री ने कहा कि ऐसा नहीं है, 'नमः पार्वती पते हर हर महादेव' में पार्वती पहले आता है। यह आपके ऊपर है कि आप क्या पकड़ते हैं। वहीं, जेन-जी प्रोटेस्ट और अपनी भूमिका पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि वे पढ़ने वाले विद्यार्थियों को सड़क पर नहीं देखना चाहते। सरकार को ऐसा रास्ता निकालना चाहिए जिससे विद्यार्थी अपनी बात सीधे पहुंचा सकें।

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