नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में मेट्रो नेटवर्क का दायरा लगातार बढ़ रहा है। इस बीच दिल्ली मेट्रो रेल निगम ( DMRC ) की मई-जुलाई की ताजा ‘पैसेंजर...
नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में मेट्रो नेटवर्क का दायरा लगातार बढ़ रहा है। इस बीच दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) की मई-जुलाई की ताजा ‘पैसेंजर जर्नी रिपोर्ट’ में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है।
पिछले कुछ वर्षों से लगातार सबसे व्यस्त रहने वाली येलो लाइन (समयपुर बादली से गुरुग्राम) को पीछे छोड़ते हुए ब्लू लाइन (द्वारका सेक्टर-21 से वैशाली/इलेक्ट्रॉनिक सिटी नोएडा) एक बार फिर दिल्ली मेट्रो का सबसे व्यस्त रूट बन गई है। DMRC की रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई महीने में दिल्ली मेट्रो में रोजाना औसतन 60,95,006 यात्राएं दर्ज की गईं।
📊 DMRC पैसेंजर जर्नी रिपोर्ट: जानिए किस लाइन पर कितने यात्रियों ने किया सफर
विभिन्न मेट्रो लाइनों का यात्री आंकड़ा:
ब्लू लाइन (पहला स्थान): रोजाना औसतन 16,66,583 यात्रियों ने सफर किया, जो कुल मेट्रो यात्रियों का 27.34% है।
येलो लाइन (दूसरा स्थान): प्रतिदिन औसतन 16,12,119 यात्रियों ने यात्रा की, यानी कुल यात्रियों का 26.44% हिस्सा।
रेड लाइन (तीसरा स्थान): रोजाना औसतन 6,49,411 यात्रियों ने इस रूट पर सफर किया।
पिंक लाइन (चौथा स्थान): सर्कुलर लाइन में तब्दील होने के बाद पिंक लाइन ने वायलेट लाइन को पछाड़कर चौथा स्थान हासिल कर लिया है।
🚆 'नमो भारत' (RRTS) ट्रेन बनी ब्लू लाइन के व्यस्त होने की बड़ी वजह
रैपिड रेल नेटवर्क से मिला जबर्दस्त बूस्ट:
"ब्लू लाइन पर यात्रियों की संख्या में अचानक आए इस उछाल के पीछे ‘नमो भारत’ (रैपिड रेल) का नेटवर्क भी एक बेहद अहम कारण है। मेरठ से सराय काले खां के बीच चलने वाली नमो भारत ट्रेन के दो बड़े इंटरचेंज स्टेशन—आनंद विहार और न्यू अशोक नगर सीधा ब्लू लाइन से जुड़े हुए हैं। गाजियाबाद, नोएडा और मेरठ की तरफ से आने वाले यात्री नमो भारत से उतरकर दिल्ली में आगे जाने के लिए बड़े पैमाने पर ब्लू लाइन मेट्रो का इस्तेमाल कर रहे हैं।"

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