19 दिन से जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का इरादा अब भी मजबूत बना हुआ है। वह अनशन खत्म करने को तैयार नहीं है। विप...
19 दिन से जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का इरादा अब भी मजबूत बना हुआ है। वह अनशन खत्म करने को तैयार नहीं है। विपक्षी दलों के नेताओं, फिल्मी सितारों, आम लोगों और अदालत में की अनशन खत्म करने की अपील पर जवाब देते हुए उन्होंने साफ कर दिया है कि वह इसे जारी रखने वाले हैं। वांगचुक ने कहा कि उनकी हालत ऐसी भी नहीं कि 2-4 दिन में मर जाएंगे, बल्कि अभी कई दिनों तक अनशन जारी रखने में सक्षम हैं।
अनशन के 18 दिन वांगचुक ने एक वीडियो मैसेज जारी किया है। इसमें वह अनशन खत्म करने की अपीलों पर जवाब देते हुए कहते हैं कि शरीर जरूर कमजोर हो रहा है, लेकिन मरने की नौबत नहीं है। उन्होंने कहा, 'बड़े मुश्किल से आज फिर आपसे जुड़ पा रहा हूं 18वें दिन। क्योंकि आपके हजारों संदेश आए कि मैं अनशन तोड़ दूं,कुछ खा लूं। बड़े बुजुर्ग, नेतागण कोई प्यार से कोई गुस्से में बोल रहे हैं। कुछ ने तो अदालत से अपील की है कि जबरदस्ती खाना खिला दिया जाए। दो बातें हैं, पहला तो यह कि मैं खा भी लूं तो उससे क्या बदलेगा? और क्या संदेश जाएगा? सरकार को तो यही संदेश जाएगा कि जवाबदेही की जरूरत नहीं। वे बैठ जाते हैं और चले जाते हैं।'
आगे उन्होंने कहा, 'दूसरी बात यह कि मेरी हालत ऐसी भी नहीं कि मैं 2-4 दिन में मर जाऊं। बहुत सारे मेडिकल टेस्ट होते रहे हैं। रिजल्ट काफी सामान्य है 18 दिन के अनशन के बाद। आज ईसीजी हुआ है, बुरा नहीं है। अभी मैं कई दिन चल सकता हूं। हां कमजोरी है, मसल्स कम हो रहे हैं। मगर मेरा दिल और कोर अभी भी ठीक है।' वांगचुक ने कहा कि उन्हें अनशन खत्म करने को ना कहा जाए, बल्कि लोग 20 जुलाई को बड़ी संख्या में संसद मार्च में शामिल होने के लिए आएं।
20 जुलाई के लिए स्कूल-कॉलेजों से क्या अपील
वांगचुक ने कहा, 'अभी अनशन खत्म करने को कहने के बजाय मैं आपसे विनती करूंगा कि 20 जुलाई को इतनी बड़ी संख्या में आएं कि सरकार को एक संदेश जाएगा। मैं स्कूलों और विश्वविद्यालय से कहूंगा कि उसे एक्सपीरियंसल एजुकेशन का दिन मनाएं, उस दिन बच्चे अभ्यास कर पाएंगे पलिटिकल साइंस का अनोखा पाठ। जोकि इतिहास का हिस्सा होगा। जिसमें वह खुद शिरकत कर पाएंगे और सीखेंगे कि कैसे लोकतंत्र चलता है जनता की ओर से।'

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