Page Nav

HIDE

Breaking News:

latest

Shraddha Walkar Case Updates: श्रद्धा मर्डर केस में समय-सीमा तय करने की अर्जी खारिज, जानें कोर्ट में क्या हुआ

नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को बहुचर्चित श्रद्धा वॉकर हत्याकांड के आरोपी आफताब पूनावाला के खिलाफ ट्रायल की डेडलाइन तय करने की म...


नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को बहुचर्चित श्रद्धा वॉकर हत्याकांड के आरोपी आफताब पूनावाला के खिलाफ ट्रायल की डेडलाइन तय करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। जस्टिस मधु जैन की कोर्ट ने कहा कि इस मामले में किसी अलग निर्देश की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि ट्रायल कोर्ट पहले से ही रोजाना सुनवाई कर रहा है और केस को जल्द से जल्द पूरा करने की पूरी कोशिश में जुटा है।

उल्लेखनीय है कि आफताब पूनावाला पर साल 2022 में अपनी लिव-इन पार्टनर श्रद्धा वॉकर की नृशंस हत्या करने और उसके शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर साक्ष्य मिटाने का गंभीर आरोप है।

🦴 अंतिम संस्कार के लिए अवशेष पाने की परिजनों की गुहार: भाई ने जताई थी 5 साल और लगने की आशंका

दिल्ली हाईकोर्ट श्रद्धा वॉकर के भाई की उस अर्जी पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें उसने परिवार की पीड़ा बयां की थी। याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि श्रद्धा का परिवार अब तक उसका अंतिम संस्कार नहीं कर पाया है, क्योंकि उसके शरीर के अवशेष अभी भी जांच एजेंसी और ट्रायल कोर्ट की कस्टडी में सुरक्षित रखे गए हैं। ये अवशेष केवल कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सौंपे जाएंगे।

श्रद्धा के भाई ने चिंता जताई कि यदि ट्रायल इसी मौजूदा रफ्तार से चलता रहा, तो अगले 5 वर्षों में भी इसके खत्म होने की उम्मीद बहुत कम है। उनके वकील ने दलील दी कि ट्रायल कोर्ट के अपने ही आदेश से यह स्पष्ट होता है कि अभी भी 48 महत्वपूर्ण गवाहों से पूछताछ होना बाकी है।

📊 222 में से 157 गवाहों से हो चुकी है पूछताछ: गूगल और बंबल के विदेशी डेटा गवाहों की गवाही बाकी

मामले की पैरवी कर रहे दिल्ली सरकार के वकील ने हाईकोर्ट को स्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि कुल 222 गवाहों में से 157 गवाहों से पहले ही विस्तार से पूछताछ की जा चुकी है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि अब मुख्य रूप से 6 प्रमुख गवाहों की पूछताछ बाकी है, जिनमें गूगल (Google) और बंबल (Bumble) के 4 विदेशी डेटा गवाह और एक नोडल ऑफिसर शामिल हैं। इसके अलावा 14 अन्य गवाहों से जिरह की प्रक्रिया पूरी होना शेष है।

🗓️ वीकेंड छोड़कर रोजाना हो रही मामले की सुनवाई: हाईकोर्ट ने माना- निचली अदालत कर रही तेजी से काम

दिल्ली पुलिस की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अमित प्रसाद ने कोर्ट को बताया कि मामले की लगातार सुनवाई की जा रही है। उन्होंने कोर्ट के ध्यान में लाया कि ट्रायल कोर्ट ने मई 2026 के एक आदेश में आरोपी को पहले ही सख्त निर्देश दे दिए थे कि वह अपने वकील की नियमित मौजूदगी सुनिश्चित करे, और वीकेंड्स (शनिवार व रविवार) को छोड़कर अदालत रोज मामले की सुनवाई कर रही है।

इन सभी तथ्यों को रिकॉर्ड पर लेते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने माना कि यह पूरी तरह स्पष्ट है कि ट्रायल कोर्ट मामले को तेजी से निपटाने के लिए गंभीरता से प्रयासरत है। ऐसे में अलग से कोई नया दिशा-निर्देश जारी करने की आवश्यकता नहीं है। याचिकाकर्ता के वकील की समयबद्ध ट्रायल खत्म करने के आदेश देने की गुजारिश को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया।







 

कोई टिप्पणी नहीं