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नोएडा-ग्रेटर नोएडा में घटे CNG ऑटो, ई-ऑटो का दबदबा: 1.5 साल में ढाई गुना बढ़ी संख्या

  नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सीएनजी ऑटो की संख्या लगातार घट रही है, जबकि इलेक्ट्रिक ऑटो (E-Auto) का दबदबा तेजी से बढ़ रहा है। परिवहन विभाग के...

 


नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सीएनजी ऑटो की संख्या लगातार घट रही है, जबकि इलेक्ट्रिक ऑटो (E-Auto) का दबदबा तेजी से बढ़ रहा है। परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो सालों में जिले में करीब 1,500 सीएनजी ऑटो कम हो गए हैं।

इसकी प्रमुख वजह परमिट का रिन्यूअल न कराना, पुराने वाहनों का रजिस्ट्रेशन निरस्त कराना और अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लेकर दूसरे जिलों में ऑटो का ट्रांसफर कराना है। इसके विपरीत, इलेक्ट्रिक ऑटो की संख्या में बीते डेढ़ साल में करीब ढाई गुना की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

📄 परमिट और फिटनेस खत्म होने से घटी CNG ऑटो की संख्या

परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जून-जुलाई 2024 में जिले में 19,100 सीएनजी ऑटो रजिस्टर्ड थे। वर्तमान में यह संख्या घटकर 17,670 रह गई है। हालांकि दिसंबर 2024 में यह आंकड़ा गिरकर 17,063 तक पहुंच गया था।

विभाग का कहना है कि बड़ी संख्या में ऑटो मालिकों ने परमिट समाप्त होने के बाद उसका रिन्यूअल नहीं कराया, जिसके चलते ऐसे करीब 1,500 ऑटो या तो कबाड़ बन चुके हैं या उनका संचालन पूरी तरह बंद हो चुका है।

एआरटीओ (ARTO) प्रशासन नंदकुमार ने बताया कि सीएनजी ऑटो के परमिट जारी करने और रिन्यूअल की प्रक्रिया गाजियाबाद परिवहन विभाग के माध्यम से होती है। जिन वाहनों की फिटनेस या परमिट की अवधि समाप्त हो जाती है, उनके मालिकों को समय-समय पर नोटिस भेजे जाते हैं। यदि वाहन मालिक रजिस्ट्रेशन निरस्त कराने का आवेदन देते हैं, तो दस्तावेजों की जांच के बाद रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जाता है।

⚠️ कबाड़ में पुराने ऑटो बेचने वाले मालिकों के लिए ARTO की अहम सलाह

एआरटीओ प्रशासन ने वाहन मालिकों को विशेष सलाह दी है कि यदि वे अपने पुराने ऑटो कबाड़ में बेच रहे हैं, तो पहले परिवहन विभाग से उनका रजिस्ट्रेशन अवश्य निरस्त (Cancel) कराएं। ऐसा नहीं करने पर वाहन पर रोड टैक्स का बकाया लगातार बढ़ता रहेगा और बाद में रजिस्ट्रेशन निरस्त कराने से पहले पूरा बकाया टैक्स जमा करना पड़ेगा।

⚡ जिले में 12 लाख से अधिक वाहन रजिस्टर्ड, EV वाहनों का बढ़ रहा दबदबा

परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जिले में कुल 12 लाख से अधिक वाहन रजिस्टर्ड हैं, जिनमें निजी वाहनों की संख्या सबसे अधिक है।

कमर्शियल श्रेणी में वाहनों का गणित इस प्रकार है:

  • मालवाहक वाहन: करीब 30 हजार

  • ई-रिक्शा: 27 हजार

  • टैक्सी: 19,800

  • बसें: लगभग 4,600

  • एंबुलेंस: 700 से अधिक

  • कमर्शियल टू-व्हीलर: 3 हजार से अधिक

परिवहन विभाग का अनुमान है कि आने वाले वर्षों में जिले में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या और भी तेजी से बढ़ेगी।

🔌 कम खर्च और परमिट से छूट के कारण तेजी से ई-ऑटो अपना रहे चालक

नोएडा-ग्रेटर नोएडा में ई-ऑटो की संख्या में जबरदस्त उछाल आया है। दिसंबर 2024 में जहां केवल 5,431 ई-ऑटो रजिस्टर्ड थे, अब इनकी संख्या बढ़कर करीब 12 हजार तक पहुंच गई है।

एआरटीओ प्रशासन के अनुसार, ई-ऑटो चलाने के लिए परमिट की अनिवार्यता नहीं है। इसके अलावा, सीएनजी की तरह लंबी कतारों में लगने की जरूरत नहीं होती और इन्हें आसानी से चार्ज किया जा सकता है। कम मेंटेनेंस खर्च और परिचालन सुलभता के कारण चालक तेजी से ई-ऑटो अपना रहे हैं।








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