नीट (NEET) पेपर लीक विवाद को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के बीच शुक्रवार को दूसरे दौर की महत्वपूर्ण बातचीत आयोजित हुई। दिल...
नीट (NEET) पेपर लीक विवाद को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के बीच शुक्रवार को दूसरे दौर की महत्वपूर्ण बातचीत आयोजित हुई। दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में हुई इस बैठक में CJP के प्रतिनिधि सौरव दास व आशुतोष रांका और केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा व राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह शामिल हुए।
बैठक के बाद CJP के प्रवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर फिलहाल कोई समझौता नहीं हुआ है। हालांकि, सरकार की तरफ से किसी भी मांग को खारिज करने की बजाय विचार करने के लिए शनिवार दोपहर तक का समय लिया गया है। इस मुलाकात के दौरान दोनों पक्षों के बीच बने माहौल से कम से कम 4 सकारात्मक संकेत उभरकर सामने आए हैं।
1️⃣ पहली अच्छी बात: 2 मुख्य मांगों पर सहमति, मुआवजा और केस वापसी पर सकारात्मक रुख
CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि सरकार ने उनकी दो प्रमुख मांगों पर काफी सकारात्मक रुख दिखाया है। दास ने संकेत दिया कि नीट पेपर लीक के बाद मानसिक तनाव में आकर खुदकुशी करने वाले विद्यार्थियों के परिजनों को मुआवजा देने और आंदोलनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग को सरकार जल्द पूरा कर सकती है।
2️⃣ दूसरी अच्छी बात: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर भी 'ना' नहीं, शनिवार तक का मांगा समय
CJP की सबसे प्रमुख मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर है। बैठक के बाद CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि सरकार ने इस बिंदु पर तुरंत कोई इनकार नहीं किया है, बल्कि शनिवार तक विचार करने का समय मांगा है। वहीं, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने भी मीडिया से कहा कि सरकार ने CJP की सभी मांगों को ध्यानपूर्वक सुना है और शनिवार तक उन पर विचार करने के बाद अगली वार्ता होगी।
3️⃣ तीसरी अच्छी बात: पुलिस कार्रवाई की शिकायतों और 5 सुधारवादी सुझावों पर दिया ध्यान
सौरव दास ने जानकारी दी कि उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों के समक्ष जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों को पुलिस हिरासत में लिए जाने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। शुरुआत में जेपी नड्डा ने ऐसी घटना से इनकार किया, लेकिन बाद में भरोसा दिलाया कि यदि ऐसा हुआ है तो इसे तुरंत रोका जाएगा। इसके अलावा, जेपी नड्डा ने यह भी स्वीकार किया कि CJP की ओर से शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए 5 महत्वपूर्ण सुझाव भी मिले हैं, जिन पर सरकार गंभीरता से विचार करेगी।
4️⃣ चौथी अच्छी बात: बातचीत का रास्ता खुला, 24 घंटे के भीतर होगी तीसरे दौर की बैठक
सरकार और CJP के बीच संवाद का सिलसिला लगातार जारी रहना इस आंदोलन का सबसे सकारात्मक पहलू है। जहां पहले और दूसरे दौर की बातचीत के बीच 4 दिन का लंबा अंतराल था, वहीं दूसरे और तीसरे दौर की बातचीत के बीच यह अंतर केवल 24 घंटे का है। शनिवार दोपहर बाद होने वाली इस तीसरी बैठक से उम्मीद जताई जा रही है कि दोनों पक्ष किसी सर्वसम्मत नतीजे पर पहुंच सकते हैं।

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