नई दिल्ली, 4 जुलाई 2026। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने शिक्षकों के तबादलों को लेकर भाजपा शासित ...
नई दिल्ली, 4 जुलाई 2026। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने शिक्षकों के तबादलों को लेकर भाजपा शासित एमसीडी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि ऑनलाइन प्रक्रिया को दरकिनार कर करीब 550 शिक्षकों के ऑफलाइन ट्रांसफर किए गए हैं। नारंग ने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के कारण कई शिक्षकों को उनके निवास स्थान से काफी दूर तैनाती दी गई है, जिससे उन्हें रोजाना लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है।
अंकुश नारंग ने कहा कि नरेला क्षेत्र के शिक्षकों को शाहदरा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में भेजा गया है, जिससे उन्हें प्रतिदिन 30 से 50 किलोमीटर तक की दूरी तय करनी पड़ सकती है। उन्होंने सवाल उठाया कि शिक्षकों के ट्रांसफर की ऑनलाइन व्यवस्था को बंद कर ऑफलाइन प्रक्रिया क्यों अपनाई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस व्यवस्था के माध्यम से शिक्षा विभाग में कथित रूप से ‘पर्ची सिस्टम’ को बढ़ावा दिया जा रहा है। नारंग ने मेयर, डिप्टी मेयर, चेयरमैन और संबंधित अधिकारियों से ट्रांसफर प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि एमसीडी के शिक्षक अपनी मांगों को लेकर सिविक सेंटर स्थित मेयर कार्यालय के बाहर धरना देने को मजबूर हैं। उन्होंने दावा किया कि शिक्षकों की सहमति के बिना बड़ी संख्या में तबादले किए गए हैं। नारंग ने कहा कि आम आदमी पार्टी बच्चों की शिक्षा से खिलवाड़ और शिक्षकों के कथित उत्पीड़न को स्वीकार नहीं करेगी तथा इस मुद्दे पर जवाबदेही की मांग जारी रखेगी।
अंकुश नारंग ने भाजपा से सवाल किया कि शिक्षकों के ट्रांसफर में ऑनलाइन प्रक्रिया का पालन क्यों नहीं किया गया, ऑफलाइन व्यवस्था लागू करने की आवश्यकता क्यों पड़ी और तबादलों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली की जनता ने बेहतर नागरिक सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था की उम्मीद के साथ भाजपा को एमसीडी की जिम्मेदारी सौंपी थी, लेकिन शिक्षकों के तबादलों को लेकर मौजूदा स्थिति ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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