उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 22 जून को हुए भीषण अग्निकांड के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उस व्यावसायिक इमार...
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 22 जून को हुए भीषण अग्निकांड के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उस व्यावसायिक इमारत को गिराना शुरू कर दिया है, जिसमें आग लगने से 15 बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई थी।
शनिवार सुबह करीब 7:30 बजे तीन बुलडोजर भारी पुलिस बल की मौजूदगी में मौके पर पहुंचे और ध्वस्तीकरण अभियान शुरू किया गया। सुरक्षा व्यवस्था के तहत 100 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, जबकि आसपास की सड़कों पर बैरिकेडिंग कर आवाजाही बंद कर दी गई है ताकि ध्वस्तीकरण अभियान बिना किसी बाधा के पूरा किया जा सके। यह कार्रवाई अलीगंज स्थित उषा मेहता मार्ग के उस कमर्शियल कॉम्प्लेक्स पर की जा रही है, जहां 22 जून की दोपहर करीब 3 बजे भीषण आग लगी थी।
🚒 22 जून को हुआ था भीषण अग्निकांड, ऊंचाई से कूदकर जान बचाने को मजबूर हुए थे लोग
आग ने देखते ही देखते पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया था। घना धुआं फैलने के कारण कई लोग इमारत के अंदर ही फंस गए थे।
जान बचाने के लिए कुछ लोगों को ऊंची मंजिलों से छलांग तक लगानी पड़ी थी, जबकि दमकल और बचाव दल ने हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म सहित अन्य आधुनिक उपकरणों की मदद से लोगों को बाहर निकाला था। इस दर्दनाक हादसे में 15 बच्चों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।
🔍 SIT जांच में हुआ बड़ा खुलासा: फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी बनी हादसे की वजह
हादसे के बाद राज्य सरकार ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया था। एसआईटी की जांच में इमारत में फायर सेफ्टी मानकों के गंभीर उल्लंघन सामने आए।
जांच रिपोर्ट में पाया गया कि इमारत में आपातकालीन निकास (Emergency Exit) की समुचित व्यवस्था नहीं थी और कई अन्य अनिवार्य सुरक्षा मानकों की पूरी तरह अनदेखी की गई थी, जिसके कारण यह हादसा और भी भयावह बन गया।
⚠️ LDA ने दिया था 15 दिनों का अल्टीमेटम, नोटिस के बाद भी नहीं हटा अवैध निर्माण
SIT की जांच रिपोर्ट के आधार पर एलडीए (LDA) ने भवन मालिकों को बिना अनुमति निर्माण करने और भूमि उपयोग (Land Use) नियमों के उल्लंघन का नोटिस जारी किया था। 10 जुलाई को प्राधिकरण ने अवैध हिस्सों को 15 दिनों के भीतर स्वयं हटाने का स्पष्ट आदेश दिया था।
निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बावजूद जब भवन मालिकों ने आदेश का पालन नहीं किया, तब एलडीए ने बुलडोजर से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों का कहना है कि इमारत पूरी तरह ध्वस्त होने तक अभियान जारी रहेगा। प्रशासन का मानना है कि यह कार्रवाई भविष्य में भवन सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर सख्त संदेश देगी और ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने में सहायक होगी।

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