केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर आते ही जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन स्थल पर जश्न का माहौल छा गया। कॉकरोच जनता पार्...
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर आते ही जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन स्थल पर जश्न का माहौल छा गया। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "यह पहला विकेट है, हम यहां रुकने वाले नहीं हैं। यह तो बस अभी शुरुआत है।"
इसके साथ ही उन्होंने देश के युवाओं के एकजुट होने की सराहना करते हुए कहा कि भारत के युवा ने दिखा दिया है कि अगर वे एक साथ आ जाएं तो किसी को भी झुकने पर मजबूर कर सकते हैं।
🕯️ 'सुबह हो गई मामू, जाग उठी है जनता': अभिजीत दीपके ने देश भर में कैंडल मार्च निकालने की अपील की
अभिजीत दीपके ने प्रदर्शनकारियों और आम जनता को संबोधित करते हुए कहा, "मैं सभी से अपील करता हूं कि लोग अपने-अपने जिलों में उन नीट अभ्यर्थियों के लिए कैंडल मार्च निकालें, जिनके साथ अन्याय हुआ है।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, "सुबह हो गई मामू... लोकतंत्र की सुबह हो गई है और इस देश की जनता अब जाग उठी है।" नीट पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे अपने 36 दिनों के आंदोलन की इसे पहली बड़ी जीत बताते हुए छात्रों और CJP सदस्यों ने बाकी मांगें पूरी होने तक विरोध जारी रखने का संकल्प लिया। दीपके ने कहा कि जब आप निडर होकर आवाज उठाएंगे, तभी सत्ता में बैठे लोग अपनी हद में रहेंगे।
⚖️ CJP की दो और प्रमुख मांगें: 1-1 करोड़ का मुआवजा और दोषियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई
अपनी आगामी रणनीति को स्पष्ट करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि आंदोलन अभी समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, "हमारी दो और मांगें हैं, हम ऐसे ही नहीं जाएंगे। हम कॉकरोच हैं, एक बार अपनी मांग पर अड़ जाएं तो निकलते नहीं।"
सीजेपी ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के अलावा मांग रखी है कि नीट पेपर लीक विवाद से जुड़े मामलों में कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले छात्रों के पीड़ित परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए और प्रश्नपत्र लीक कराने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त आपराधिक कार्रवाई की जाए।
✌️ 'यह सड़कों से निकला प्रत्यक्ष लोकतंत्र है': 26 दिन अनशन करने वाले सोनम वांगचुक का बड़ा बयान
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को 'लोकतंत्र की जीत' करार दिया। उन्होंने इसका श्रेय देशभर में छात्रों के नेतृत्व वाले आंदोलन और आम लोगों की भागीदारी को दिया।
वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर लिखा, "लोकतंत्र की जीत, प्रत्यक्ष लोकतंत्र... जो सीधे सड़कों से निकला है।" उन्होंने इसे शांति, धैर्य और दृढ़ता की जीत बताते हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP), देश की 'जेन-जी' (Gen-Z) और आम नागरिकों को बधाई दी। अस्पताल में भर्ती होने से पहले 26 दिनों तक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करने वाले वांगचुक ने कहा कि यह आंदोलन अब जवाबदेही तय करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

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