नई दिल्ली: वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने प्रदर्शनकारियों को मुफ्त कानूनी मदद मुहैया कराने के लिए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा बनाए गए कोष म...
नई दिल्ली: वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने प्रदर्शनकारियों को मुफ्त कानूनी मदद मुहैया कराने के लिए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा बनाए गए कोष में 1 करोड़ रुपये का आर्थिक योगदान देने की घोषणा की है।
कपिल सिब्बल ने कहा कि देश भर में जहाँ भी छात्रों या प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाया गया है, वहाँ की सरकारों द्वारा दर्ज किए गए मुकदमों पर नज़र रखने के लिए एक विशेष व्यवस्था बनाई जा रही है ताकि हमारे वकील उन्हें प्रभावी कानूनी सहायता प्रदान कर सकें। उन्होंने देश भर के वकीलों से भी इस कोष में योगदान देकर प्रभावितों की मदद करने की अपील की।
🌐 'निर्दोषों पर दर्ज FIR तुरंत वापस हों': केस ट्रैक करने के लिए बनेगी विशेष वेबसाइट
कपिल सिब्बल ने जोर देकर कहा कि बिहार, असम, बंगाल या महाराष्ट्र जैसे राज्यों में जहां भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन हुए हैं और प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाकर केस दर्ज किए गए हैं, उन सभी प्राथमिकियों (FIRs) को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि CJP जल्द ही एक नई वेबसाइट लॉन्च करेगी, जिसमें उन सभी छात्रों और नागरिकों की जानकारी उपलब्ध होगी जिन पर पुलिस केस दर्ज किए गए हैं। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए देश भर के ऐसे वकील सीधे जुड़ सकेंगे जो प्रदर्शनकारियों को कानूनी मदद देना चाहते हैं।
⚠️ CJP की सरकार को मंगलवार तक की डेडलाइन: केस वापस न होने पर दोबारा आंदोलन की चेतावनी
दूसरी ओर, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सरकार को कड़ा अल्टीमेटम दिया है। CJP ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को वापस लेने के वादे पर मंगलवार तक कोई बड़ा अपडेट नहीं देती है, तो वे अपना आंदोलन फिर से शुरू करने के लिए विवश होंगे।
CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार के साथ हुई वार्ता में सहमति बनी थी कि प्रदर्शनकारियों पर दर्ज प्राथमिकियां वापस ली जाएंगी और भविष्य में भी किसी के खिलाफ कोई नया केस दर्ज नहीं किया जाएगा।
📜 'लिखित समझौते का इंतजार': प्रदर्शनकारियों और आयोजकों के उत्पीड़न पर रोक की मांग
आशुतोष रांका ने स्पष्ट किया कि संगठन सरकार की ओर से लिखित समझौता साझा किए जाने का इंतजार कर रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री समझौते का सम्मान करेंगे और सभी एफआईआर वापस ली जाएंगी ताकि किसी प्रदर्शनकारी या आयोजक को परेशान न किया जा सके।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मंगलवार तक लिखित समझौता नहीं मिला और हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को रिहा नहीं किया गया, तो CJP फिर से सड़कों पर उतरकर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगी।

कोई टिप्पणी नहीं