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जंतर-मंतर हिंसा: 'टूलकिट' और विदेशी फंडिंग का शक, मास्टरमाइंड की तलाश में गूगल से मदद लेगी दिल्ली पुलिस

  दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुई हिंसा के गुनहगारों तक पहुंचने के लिए दिल्ली पुलिस अब टेक दिग्गज गूगल (Google) की भी मदद लेगी। पुलिस सूत्रों के ...

 


दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुई हिंसा के गुनहगारों तक पहुंचने के लिए दिल्ली पुलिस अब टेक दिग्गज गूगल (Google) की भी मदद लेगी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच के आधार पर शक की सुई एक सुनियोजित डिजिटल दस्तावेज कहे जाने वाले 'टूलकिट' और 'विदेशी फंडिंग' के बड़े नेटवर्क पर टिक गई है।

तकनीकी साक्ष्यों और शुरुआती तफ्तीश के बाद पुलिस को शक है कि जंतर-मंतर पर मौजूद छात्र और प्रदर्शनकारी केवल मोहरे थे। असली मास्टरमाइंड सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए पर्दे के पीछे से पूरी साजिश रचने वाले कुछ बाहरी असामाजिक तत्व थे। इन लोगों ने ही प्रदर्शन को हिंसक बनाने और बेकाबू भीड़ जुटाने की पूरी रूपरेखा तैयार की थी।

🔍 टूलकिट के मास्टरमाइंड की तलाश: गूगल से मांगा जाएगा IP एड्रेस और लोकेशन डेटा

जांच एजेंसियों के सामने सबसे पेचीदा सवाल यह है कि आखिरकार यह डिजिटल टूलकिट किसने बनाया? इसे कहां से अपलोड किया गया और इसके पीछे किसका दिमाग था?

इस सुनियोजित साजिश के मास्टरमाइंड तक पहुंचने के लिए पुलिस गूगल से संपर्क कर रही है। मामले की जांच में जुटी पुलिस टीम गूगल से इस टूलकिट को बनाने वाले का आईपी (IP) एड्रेस, लॉग-इन क्रेडेंशियल्स और लोकेशन डेटा शेयर करने की मांग करेगी, ताकि मुख्य साजिशकर्ता तक शिकंजा कसा जा सके।

📱 डिलीट चैट और डेटा रिकवर करने में जुटी फॉरेंसिक टीम, खंगाले जा रहे मोबाइल फोन

संदिग्धों ने पकड़े जाने के डर से अपने मोबाइल फोन से कई महत्वपूर्ण जानकारियां डिलीट कर दी थीं, जिन्हें रिकवर करने के लिए उच्च स्तरीय तकनीकी टीमों को लगाया गया है।

एक तरफ जहां 'डिजिटल फॉरेंसिक और चैट एनालिसिस टीम' हिरासत में लिए गए आरोपियों व संदिग्धों के वॉट्सऐप चैट्स और कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड्स (CDR) खंगाल रही है, वहीं दूसरी तरफ उपद्रवियों ने हिंसा से ठीक पहले और बाद में जो मैसेज या ग्रुप चैट्स डिलीट किए थे, उन्हें आधुनिक रिकवरी सॉफ्टवेयर की मदद से हासिल किया जा रहा है।

⚖️ जंतर-मंतर बवाल में अब तक 11 FIR दर्ज, 2 ACP समेत कई पुलिसकर्मी हुए थे घायल

संसद मार्ग इलाके के टॉल्सटॉय मार्ग पर बुधवार रात हुई हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस ने एक और एफआईआर दर्ज कर जांच तेज कर दी है।

बता दें कि इस हिंसक झड़प में दो एसीपी (ACP) समेत कम से कम पांच पुलिसकर्मी घायल हुए थे। जंतर-मंतर हिंसा से जुड़े मामलों में दर्ज कुल एफआईआर की संख्या अब बढ़कर 11 हो गई है।

⚠️ छात्रों की आड़ में शामिल हुए हिस्ट्रीशीटर बदमाश, नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली से जुड़ा कनेक्शन

जंतर-मंतर के पास हुई हिंसा का कारण महज छात्रों का आक्रोश नहीं था, बल्कि प्रदर्शनकारियों की भीड़ में शामिल कुछ उपद्रवी तत्व और हिस्ट्रीशीटर बदमाश भी थे। इन्हें एक सोची-समझी रणनीति के तहत भीड़ में शामिल किया गया था। यह खुलासा दिल्ली पुलिस की प्राथमिक जांच में हुआ है।

पुलिस के हाथ कुछ वीडियो फुटेज भी लगे हैं, जिनमें नॉर्थ-ईस्ट (उत्तर-पूर्वी) दिल्ली का एक नामी हिस्ट्रीशीटर समेत कुछ अन्य संदिग्ध छात्रों की भीड़ में नजर आ रहे हैं। फुटेज में वे नारेबाजी करते दिख रहे हैं और अपनी पहचान छिपाने के लिए बार-बार मुंह ढकने का प्रयास कर रहे हैं। नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली वही इलाका है जो 2020 के दिल्ली दंगों का मुख्य केंद्र था। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इस हिस्ट्रीशीटर का इस छात्र प्रदर्शन से क्या संबंध है।








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