गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन मनमानी करने और अभिभावकों का शोषण करने वाले सीबीएसई (CBSE) और आईसीएसई (ICSE) बोर्ड से संबद्ध स्कूलों के खिलाफ सख...
गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन मनमानी करने और अभिभावकों का शोषण करने वाले सीबीएसई (CBSE) और आईसीएसई (ICSE) बोर्ड से संबद्ध स्कूलों के खिलाफ सख्त कदम उठाने जा रहा है। माध्यमिक शिक्षा विभाग एनसीईआरटी (NCERT) की किताबों से पढ़ाई न कराने और मनमानी करने वाले जिले के 22 निजी स्कूलों पर जल्द भारी जुर्माना लगाएगा।
प्रशासन के इस कड़े कदम से जहां छात्र-छात्राओं और अभिभावकों में खुशी की लहर है, वहीं स्कूल प्रबंधकों में हड़कंप मच गया है।
📚 NCERT पुस्तकों की अनदेखी और महंगी किताबों के लिए मजबूर करने पर मिली थीं शिकायतें
एनसीईआरटी की पुस्तकों को लेकर सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के कई स्कूल लगातार आंख-मिचौली खेल रहे हैं। इसको लेकर शासन और जिला प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि स्कूलों में निजी प्रकाशकों की महंगी किताबों से पढ़ाई कराई जा रही है और स्कूल संचालक अभिभावकों को निर्धारित पुस्तक विक्रेताओं से ही पुस्तकें खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं। जबकि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत एनसीईआरटी की पुस्तकों से पढ़ाई कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
जिला प्रशासन भी लगातार स्कूल संचालकों से इन्हीं पुस्तकों से पढ़ाई कराने का निर्देश दे रहा था, क्योंकि एनसीईआरटी की पुस्तकें सस्ती होने के साथ-साथ नई शिक्षा नीति के पाठ्यक्रम के अनुकूल हैं। इसके बावजूद जिले के अधिकांश स्कूलों में निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें खरीदने पर ही जोर दिया जा रहा था।
💰 नियम तोड़ने वाले 5 नामी स्कूलों पर 5-5 लाख और अन्य पर 1 लाख रुपये का जुर्माना
जांच रिपोर्ट के आधार पर जिले के ऐसे 22 स्कूलों को चिह्नित किया गया है, जहां शासन-प्रशासन के निर्देशों की खुलेआम अवहेलना की जा रही थी। इनमें कई नामी स्कूल भी शामिल हैं।
जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) चंद्र शेखर ने बताया कि चिह्नित स्कूलों में से 5 प्रमुख स्कूलों पर 5-5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा 5 अन्य स्कूलों पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
⚠️ चेतावनी नोटिस और शपथपत्र: दोबारा गलती पकड़े जाने पर रद्द होगी स्कूल की मान्यता
शेष चिह्नित स्कूलों से यह शपथपत्र (Affidavit) लिया जाएगा कि वे अब अभिभावकों को निजी प्रकाशकों की पुस्तकें खरीदने के लिए मजबूर नहीं करेंगे और केवल एनसीईआरटी की पुस्तकों से ही पढ़ाई कराएंगे।
शपथपत्र मिलने के बाद स्कूलों को चेतावनी नोटिस जारी किया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि कोई स्कूल दोबारा नियम तोड़ते पकड़ा गया, तो उसकी मान्यता (Affiliation) भी रद्द की जा सकती है। इस विषय पर रणनीति तय करने के लिए 30 जुलाई को सभी स्कूल प्रबंधकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है।
📋 नए सत्र में आई थीं 45 से अधिक शिकायतें, नियम उल्लंघन पर चरणबद्ध कार्रवाई तय
नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के बाद से जिले के निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ माध्यमिक शिक्षा विभाग को 45 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई थीं। अधिकारियों ने पहले सभी स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा था, लेकिन इसके बावजूद स्कूलों की मनमानी जारी रही। अब जिला प्रशासन ने सख्त दंडात्मक कार्रवाई की पूरी तैयारी कर ली है।
अधिकारियों के अनुसार, नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई का ढांचा इस प्रकार रहेगा:
पहली बार नियम तोड़ने पर: 1 लाख रुपये का जुर्माना
दूसरी बार नियम तोड़ने पर: 2 लाख रुपये का जुर्माना
तीसरी बार नियम तोड़ने पर: स्कूल की मान्यता या सम्बद्धता रद्द करने की कार्रवाई

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